नई दिल्ली। केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को धार्मिक स्थल पर गलत समय पर फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया। राक्षस अमित रावल की पीठ ने राज्य के सभी जिला चिकित्सकों को सभी धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगाने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा गया कि एसीपी के नेतृत्व सिद्धांतों में टीम में शामिल हो गए। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘मैं कोच्चि और अन्य अभयारण्यों के पुलिस कमिश्नरों की सहायता से डिप्टी रजिस्ट्रारों को निर्देश देता हूं कि वे सभी धार्मिक स्थलों पर अवैध रूप से पहुंच बनाएं और सभी धार्मिक स्थलों में अवैध रूप से रखे गए स्मारकों को अपने व्यवसाय में लें और निर्देश जारी करें ‘किए अब से कोई बजट न विकल्प।’
पृकीन ने कहा, ‘धार्मिक स्थान पर विषम समय में फोड़े जाएंगे। प्रथम दृष्टया किसी भी पवित्र ग्रंथ में भगवान को प्रसन्न करने के लिए मूर्ति फोड़ने का कोई ऑर्डर नहीं है।’ केरल के सभी धार्मिक स्थलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अंतरिम आदेश जारी किया गया।
कंपनियों ने कहा है कि जिला रजिस्ट्रारों द्वारा डाका डाला जा रहा है और केवल कुछ मंदिरों के पास ही ऐसे लाइसेंस हैं। कंपनियों का कहना है कि ऐसे लाइसेंस जारी नहीं होने चाहिए क्योंकि बोल्ट फोडने से ध्वनि और वायु प्रदूषण होता है, साथ ही शांति भी भंग होती है।
न्यायाधीशों ने कहा कि आधी रात के बाद उन्हें स्मारक का शोर भी सुनाई दिया। रोबोट बनाने के निर्देश में यह चेतावनी दी गई है कि वर्तमान आदेश के तहत बोल्ट फोडने की किसी भी घटना की जानकारी के लिए अदालत में बैठक में काम करना शुरू कर दिया जाएगा। मामले पर आगे विचार 24 नवंबर को होगा।
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पहले प्रकाशित : 4 नवंबर, 2023, 05:31 IST
