
पाकिस्तान में मैमैमैथ ने इस साल कई सैनिकों की जान ली है।
अफ़ग़ानिस्तान/कराची: पाकिस्तान की सेना पर हमले में एक बार फिर तबाही मची है। एथिल के अनुसार, पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार को सेना के 2 जवानों ने घाट पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 14 सैनिक मारे गए। बलूचिस्तान में शुक्रवार को यह हमला इस साल का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है, जिसमें सेना के सबसे बड़े सैनिक मारे गए हैं। सेना की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, शियाट ने उस वक्त यह हमला किया था, जब फोर्स के 2 सैनिक गुआदर जिले के ओरमारा इलाके में जा रहे थे।
2 दिन पहले ही विदेशी सेना में 6 लोग मारे गए थे
चौथी सेना के बयान में कहा गया है, इलाके को विस्थापित किया जा रहा है और इस जघन्य कृत्य को अमल में लाने वाले इंजीनियरों को अचैतन्य न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। सेना की मीडिया शाखा ने अचानक हुए हमलों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी। बलूचिस्तान के प्रमुख मंत्री अली मार्डन डोमकी ने हमलों की कड़ी निंदा की और हमलों को अंजाम देने की कसम खाई। बता दें कि अभी 2 दिन पहले ही फोर्स ने बलूचिस्तान के साबास इलाके में 6 स्टार्स को मारा था। ऐसा माना जा रहा है कि साइंटिस्ट ने इसी तरह की कार्रवाई में बदलाव किया है।
तालिबान के सत्ता में आने के बाद भयानक हिंसा की घटनाएं
इससे पहले दिन में खबर पख्तूनख्वा प्रांत के इस्माइल खान जिले में एक पुलिस के काफिले में बम विस्फोट में कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। पाकिस्तान में इस साल के वैज्ञानिकों ने कई बड़े पैमाने पर तूफानों की खोज की है। पिछले रविवार को बलूचिस्तान के अवारन जिले के खोरो क्षेत्र में वैज्ञानिकों के हमले में 2 जवानों की मौत हो गई थी। अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान में हिंसा बढ़ने का सामना करना पड़ रहा है।
