
नेपाल में बार-बार भूकंप क्यों आता है?
नेपाल में आए भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। मुर्दाघर में दबे जीवित और मरे हुए लोगों के शव अब भी बाहर जा रहे हैं। नेपाल में आये इस भूंकप की रिपोर्ट 6.4 मापी गई। इस भूकंप का असर भारत में भी देखने को मिला और कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस हुए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नेपाल में इतना अधिक भूकंप क्यों आता है। इसके पीछे एक भौगोलिक जानकारी क्यों है, जिसे हमने स्कूल के समय पर पढ़ा होगा, लेकिन ध्यान नहीं दिया होगा कि आखिरकार नेपाल में ही इतने बड़े भूकंप आते हैं।
नेपाल में क्यों आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप
भूगोल की पुस्तक में जब हम स्कॉलरशिप और टेक्टोनिक प्लेट के विषय का अध्ययन करते हैं तो पता चलता है कि हिमालय की दो टेक्टोनिक मूर्तियों के चित्र से बना है जो एक स्कॉलर पर्वत है। जब एक टेक्टोनिक प्लेट नीचे और दूसरी टेक्टोनिक प्लेट के ऊपर की तरफ है तो स्कॉलरशिप और माउंट बने हुए हैं और उस क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में भूकंप देखने को मिलता है। भूगोल के हिसाब से सातों महाद्वीप से पूर्व एक ही भूभाग हुआ था, जिसे पंजिया कहते थे। पंजिया जब मारा गया तो कई महाद्वीप बन गए।
इन महाद्वीपों के भूभाग पर कई देश स्थित हैं। इनमें से एक देश है नेपाल जो हिमालय के गोद में बसा है। दरअसल नेपाल इंडो-ऑस्ट्रेलिया और यूरेशियन प्लेट के बीच का हिस्सा है। ऐसे में जब दोनों टेक्टोनिक आकाशगंगा में मिट्टी या टक्कर होती है तो नेपाल में भूकंप के झटके महसूस होते हैं। जानकारी के मुताबकि हर साल 5 सेमी की दर से ये दोनों टेक्टोनिक प्लेट एक दूसरे पर चढ़ रहे हैं। इस वजह से बार-बार नेपाल में भूकंप देखने को मिलता है। वैज्ञानिक है कि इससे पहले साल 2015 में नेपाल में भूकंप ने तबाही मचाई थी। इस दौरान नेपाल में करीब 8 हजार लोगों की मौत हो गई।
