यूरोप के आकाश में रहस्यमयी बैंगनी किरण: इस सप्ताहांत पूरे यूरोप के आकाश में एक रहस्यमयी नीली किरण देखी गई। डेरे और चमत्कारी लोग पर मजबूर हो गए कि आखिर क्या है ये खूबसूरत घटना। यह असामान्य घटना, दो कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) की मेलबुक के साथ थी जो शनिवार, 4 नवंबर और रविवार, 5 नवंबर को पृथ्वी से टकराए थे। इस ऑरियो प्रतिद्वंद्विता ने यहां एक मजबूत G3-श्रेणी के भू-चुंबकीय तूफान को जन्म दिया, जिससे ये ऑरोरा (औरोरा) उत्पन्न हुआ।
वस्तुतः अरोरा एक क्रिस्टल घटना है जिसमें बैंड, प्रकाश की किरणें, आमतौर पर हरे, लाल या पीले रंग की होती हैं। ये ध्रुवीय क्षेत्र आकाश में दिखाई देते हैं। यह वायु के प्रवाह और सूर्य के आवेशित समुह के बीच के समुद्री तूफान के कारण होते हैं जो बाद में पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवाहित हो जाते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह भू-चुंबकीय तूफ़ान अब धीरे-धीरे आ रहा है, लेकिन सौर गतिविधि पर नज़र रखने वाले spaceweather.com ने बताया है कि 6 नवंबर तक मामूली G1-श्रेणी तक का तूफ़ान जारी हो सकता है। जब तूफ़ान अपने चरम पर था तब पूरे उत्तरी यूरोप के आकाश में एक चमकदार रोशनी घूम रही थी। हालाँकि, ये सभी रोशनियाँ अरोरा (Auroras) नहीं थीं। उत्तरी आयरलैंड के रहने वाले मार्टिन मैककेना ने बताया, ‘हमें काफी आश्चर्य हुआ कि हमने एक आश्चर्यजनक घटना देखी, लेकिन यह स्टीव (स्टीव-मजबूत थर्मल उत्सर्जन वेग वृद्धि) था!’ (यह भी एक प्रकार से ऑरोरा की तरह की घटना है।)
मैककेना ने spaceweather.com को बताया, ‘बैंगनी किरण की एड़ियों से हम दंग रह गए, हम इन प्रकाश को नग्न आंखों से स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, हम इसकी चंचलता और झिलमिलते ताकत को स्पष्ट से देख सकते हैं। यह एक प्रकार से आकाशीय फ़नल बादल या बवंडर की तरह था।’

स्टीव क्या है?
स्टीव (STEVE), स्ट्रॉन्ग थर्मल एमिशन वेलोसिटी एन्हांसमेंट का छोटा रूप है, यह साल 2016 में आया था। यह अरोरा जैसा दिखता है लेकिन काफी अलग है। इसमें प्राकृतिक बेरंग रंग जैसा चमकदार गैस का गर्म स्टॉक होता है, जिससे तापमान 3000 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। यह पृथ्वी के मैग्नेटोस्फियर से 6 किमी/सेकेंड (13,000 मील प्रति घंटा) से अधिक गति से चलता है। ये ब्रिटेन में सप्ताहांत पर तेजी से आए भू-चुंबकीय तूफ़ान के कारण ऊर्जावान हुआ।
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पहले प्रकाशित : 6 नवंबर, 2023, 16:33 IST
