
सूडान शहर में हुए हमलों का एक दृश्य।
मिलिशिया लड़ाकों ने सूडान के दारफुर शहर में रेस्तरां का तांडव रचा है। सूडान के युद्ध से प्रभावित दारफुर शहर पर अर्धसैनिक सेनाओं और उनके सहयोगी अरब मिलिशिया के लड़ाकों द्वारा कई दिनों से हमले किये जा रहे हैं। इस हमले में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी। बता दें कि सूडान की सेना और अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच पिछले कई महीनों से युद्ध जारी है। लगातार आम नागरिक भी इसमें मारे जा रहे हैं। बच्चों, बूढ़ों और महिलाओं की भी खैर नहीं।
इस महीने की शुरुआत में पश्चिम दारफुर प्रांत में अरदामाता का विस्तार हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत के रिकॉर्ड दर्ज किए गए। सैन्य प्रमुख जनरल अब्देल-फतह बुरहान और एआरएसएफ के कमांडर जनरल मोहम्मद हमदान डागालो के बीच जारी तनाव युद्ध में बदल दिया गया। इसके बाद अप्रैल से मध्य से सूडान में ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न हो गईं।
सूडान में तख्तापलट के बाद रिलीज हुई वॉर
तख्तापलट के बाद से ही सूडान युद्ध की चपेट में आ गया था। यहां टैब से लगातार हिंसा हो रही है। ये हिंसक घटनाएं 2019 में एक सैन्य विद्रोह के बाद निरंकुश शासक उमर अल-बशीर को सत्ता से बेदखल करने के बाद से हो रही हैं। अल-बशीर के तख्तापलट के 18 महीने बाद युद्ध का दौर शुरू हो गया। संयुक्त राष्ट्र की टीम एजेंसी यूएन सीसीआर ने बताया कि दारफुर में कथित तौर पर 800 से अधिक लोग मारे गए और लगभग 8,000 लोग पड़ोसी देश चाड चले गए। हालाँकि, एजेंसी का कहना है कि चाड में भी लोगों को पोर्टफोलियो का सामना करना पड़ रहा है। (एपी)
