Homeदेशप्रदूषण की काल हैं ये 3 स्वास्थ्यवर्धक बूटियां, फेफड़ों को बनाती हैं...

प्रदूषण की काल हैं ये 3 स्वास्थ्यवर्धक बूटियां, फेफड़ों को बनाती हैं कैंसर से भी बचाव, जानें कैसे करें सेवन


उत्तर

फ़्लोरिडा में फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा का ज़हरीला फेफड़े को नुकसान पहुँच रहा है।
फेफड़ों में टॉक्सिक स्मॉग से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
तुलसी, मुलेठी और त्रिफला स्मॉग से बचाव करने में बेहद प्रभावशाली हैं।

फेफड़ों के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ: टॉक्सिक स्मॉग का ख़तरा बढ़ने का अंदेशा है। इस बार भी कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य शहरों में जेल स्मॉग की एक मोटी परत देखने को मिल रही है। पर्यावरण में प्रदूषण ने हमारी सेहत पर काफी नकारात्मक प्रभाव डाला है। इसके कारणों से लोगों को सांस की तकलीफ, गले में खराश, आंखों में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं, यह सबसे बड़ा खतरनाक फेफड़े को है।

असल में, पेट्रोलियम में फ़्लोटा प्लांटर का ये ज़हर फेफड़े सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे फेफड़ों के कैंसर का ख़तरा बढ़ सकता है। इससे जुड़े सामान पाने के लिए लोग कई तरह की औषधियां और उपाय अपनाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि, आयुर्वेद में भी ऐसे कई गुण होते हैं, जो फेफड़ों को ठीक रखने में मदद कर सकते हैं। अब सवाल है कि स्मॉग फेफड़े को कैसे नुकसान पहुंचता है? मद्गार में कौन सी बूटी-बूटी प्रदूषण से बचाव कर रहा है? इनका सेवन कैसे करें? इस सूची के बारे में विस्तार से बताएं कि क्या आप डेमोक्रेट नॉच के बारे में विस्तार से बता रहे हैं आयुर्वेदाचार्य डॉ. चतुर्थ शर्मा-

टॉक्सिक स्मोग फेफड़े के लिए कैसे नुकसानदायक

लंग्स यानी ओवेन वातावरण से वायु को खींचकर उनकी ऑक्सीजन को अच्छेकर के कतरे-कत्रे में पहुंचाते हैं। साथ ही शरीर से कार्बनडायऑक्साइड को बाहर भी प्रदर्शित किया जाता है। इसके अलावा जंगल के शरीर के ढांचे को बाहरी आक्रमण से भी हमें बचाते हैं। वहीं, पेट्रोलियम में फ़्लोरिडा पॉल्यूशन का ज़हर रैपिड से लंग्स को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। यही वजह है कि फेफड़े का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप तुलसी, त्रिफला और मुलेठी जैसे नीबू का सेवन कर सकते हैं।

प्रदूषण से लंच को बच वाली 3 चमत्कारी गुड़-बूटी

त्रिफला: आयुर्वेद में त्रिफला को सबसे शक्तिशाली स्वास्थ्यवर्धक औषधि माना जाता है। त्रिफला विभीतकी, हरीतकी और मसालों को व्यापक रूप से तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग फेफड़ों की सफाई के लिए किया जाता है। असल, त्रिफला एंटी स्पेक्ट्रा, एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा ट्राइफला में पाए जाने वाले एलेज़िक एसिड, टैनिन और फ्लेवोन जैसे एंटी-ऑक्सीडेंट भी फेफड़ों को अधिक मात्रा में शामिल करते हैं, जिसमें जमा गंदगी को जड़ से साफ करने में असरदार साबित हो सकते हैं। फेफड़े की सफाई के लिए एक किलो पानी में करीब 100 मिलीग्राम ट्राइफला कोलेडोमाइन पानी आधा होना। फिर पानी का प्रभाव गुनगुना होने पर सुबह खाली पेट घूंट-घूंट कर इसका सेवन करें।

ये भी पढ़ें: आयुर्वेदिक औषधियों से सबसे ज्यादा असरदार हैं ये 5 हरी औषधियां, सेवन करने से ही नियंत्रित होगी बीमारी, जानें कब करें इस्तेमाल

तुलसी: आयुर्वेद में तुलसी फेफड़े के लिए एक बेहतरीन औषधि निर्माता कंपनी है। असल में, इसके संस्थापक यूजेनॉल नामक तत्व पाए जाते हैं, जो श्वसन प्रणाली के लिए हानिकारक है। साथ ही, तुलसी में भी एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो फेफड़ों को मजबूत कर सक्रिय रूप से बाधित होते हैं। इसके सेवन के लिए तुलसी के पत्तों को सुखाकर इसमें कत्था, मेन्थॉल और इलायची को समान मात्रा में पीस लें। फिर एक वस्तु पिसीहुई चीनी मिला लें। इसके बाद दिन में दो बार आधा मिश्रण के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ और मोटापा साफ किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: गमले में लगा लें ये चमत्कारी पौधा, 10वीं कक्षा के लिए रामबाण का नामोनिशान, वामपंथी मित्र मंडली

मुलेठी: इस सबके अलावा मुलेठी का सेवन भी दोपहर के भोजन के लिए बेहद जादुई साबित हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, मुलेठी आपके ठंडे और ठंडे गुणों के कारण श्वसन प्रणाली के संक्रमण से राहत दिलाने में असरदार होती है। इसके सेवन फेफड़े और गले में जमा होने वाले गाड़े बलगम को मुलायमकर फेफड़े को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक हो सकता है। आप मुलेठी से प्लांट टी बनाकर इसका सेवन कर सकते हैं। वहीं, अगर सांस लेने में तकलीफ हो, या खांसी-खांसी की समस्या हो, तो मुलेठी की कुछ छड़ियों को पानी में डुबो लें। इसके बाद इस पानी को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे घुमाया जा सकता है। आप यात्रा तो इस पानी में एक साम्राज्य हांगकांग भी मिला सकते हैं।

टैग: वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य, जीवन शैली, धुंध



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img