उत्तर
ज्योयोतिष शास्त्र में कंडों का संबंध सीधा नक्षत्र से माना गया है।
ऐसे में पुरुषों को हाथ में चांदी का कड़ा रखना चाहिए।
चाँदी के कच्चे नमूने से कुंडली में बैठे कई दोष दूर होते हैं।
चांदी के कड़े के फायदे: आजकल हाथ में कढ़ाई फैशन में है। लकड़ा हो या लड़की सोना- सराय या अन्य छात्रों के अध्ययन का काफी शौक़ीन होना। हालाँकि, नामकरण के पीछे का उद्देश्य सिर्फ फैशन ही नहीं, वास्तु दोष दूर करना भी है। वास्तव में, ज्योतिष शास्त्र में रेखा का सीधा संबंध शास्त्र से माना गया है। यही वजह है कि, पुरुषों को स्ट्रेच हैंड में क्रैक लाइन्स की सलाह दी जाती है। ऐसा करने से कुंडली में बैठे कई दोषों से मुक्ति मिलती है। साथ ही यह असफलता को सफलता की ओर ले जाता है। हालाँकि, इसका लाभ आपको तभी मिलेगा जब आप सही धातु का कड़ा हाथ बना लेंगे। अब सवाल है कि हाथ में किस धातु का दाग लगाना अच्छा होता है? क्या फायदे होते हैं? हाथ में कड़ा किस दिन धारण करना चाहिए? इस दस्तावेज़ के बारे में विस्तार से बता रहे हैं उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री–
किस धातु का कच्चा माल चाहिए?
ज्म्योतिषैर्य पं. ऋषिकांत मिश्र अपने शास्त्र के अनुसार, यदि आप हाथ में कड़ाही चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि पहले कुंडली का उपयोग करें। क्योंकि कई लोग बिना कुछ सोचे-समझे किसी भी धातु के कटे हुए कपड़े ले लेते हैं, जो गलत है। इससे आपका नुकसान भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि ज्योतिष की सलाह के अनुसार ही ताड़ी की टोकरी। अगर आप भी ऐसा नहीं कर रहे हैं तो चांदी का तीखापन करना चाहिए। क्योंकि चाँदी के कच्चे माल से आपको कोई नुकसान नहीं होने वाला है। बता दें कि, सिल्वर का क्रैड लाइन्स से पासपोर्ट का अवलोकन किया जाता है। साथ ही घर में हमेशा धन-दौलत की कमी नहीं होती।
ज्योतिष में चांदी के महा सिद्धांत क्या हैं?
ज्योयोतिषैर्य के अनुसार, हाथ में चांदी का दाग अत्यंत शुभ होता है। मूल, चांदी का सीधा संबंध चंद्रमा और शुक्र दोनों से माना जाता है। इन दोनों के मिलन से संकेत की स्थिति मजबूत होती है। क्योंकि, यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा शुभ होने से आपका भाग्य सबसे अच्छा रहेगा। वहीं, शुक्र के अनुकूल होने से आपको सांप का चयन हो सकता है। साथ में ही सिल्वर का कड़ा उदाहरण से सुख समृद्धि और यश की भी कैथेड्रल होगी और मां लक्ष्मी माता की कृपा आप पर बनी रहेगी। ऐसे में चांदी को हमेशा सोमवार या शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए। क्योंकि सोमवार को चंद्रमा की और शुक्रवार को शुक्र की कृपा होती है।
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ज्योतिष में चांदी की कीमतों के फायदे?
चांदी को धारण करने से मन शांत और एकाग्रचित्त रहता है। चाँदी को शीतलता प्रदान करने वाली धातु मानी जाती है। ऐसे में धारण करने से आप अपने गुससे को भी भौतिकशास्त्र में रख सकते हैं। इसके अलावा सिल्वर को सिद्धांतों से मन की चंचलता कम होती है, जिसमें जीवित जीवन में महानतावादी सिद्धांत शामिल है। चांदी के ठोस नमूने से क्लॉक-जुकम जैस एलेब्रिटी दूर तक मौजूद है, साथ ही सिद्धांतों से जुड़े एबेलेमेंट भी नहीं होते हैं।
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वास्तु शास्त्र में चांदी के क्या हैं महत्तवपूर्ण सिद्धांत?
वास्तुशास्त्र में चांदी को सकारात मक ऊर्जा का संचार बढ़ाने वाला धातु माना जाता है। इसके प्रकार के अनुसार सिल्वर के कड़वे सिद्धांतों से आपके जीवन से हर एक की कमज़ोरी दूर होती है। और मन में आने वाले कंफर्टेबल मैनेजर विचार चांदी धारण करने से दूर होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार शुक्रवार के दिन चांदी का धारण करना शुभ माना जाता है। इसे धारण करने से पहले किसी ज्योतिष की सलाह अवश्य लें।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 02:41 IST
