शिखा श्रेया/रांची. मौसम में बदलाव ही हर घर में दादा-दादी दिखते हैं। कभी सर्दी, कभी सर्दी तो कभी बुखार। यह छोटी-मोटी बीमारी आपके सामने से लेकर प्रोफेशनल लाइफ तक को प्रभावित करती है। इसका मुख्य कारण होता है फ़्रैफ़ुअल इमैरिटी सिस्टम, जो आज के सस्ते विकल्प के कारण चुनौती से लड़ने में सक्षम नहीं हो पाता है। लेकिन, एक ऐसा पौधा है जो आपकी इस परेशानी को दूर कर देगा।
रांची के मोरहाबादी रोड स्थित आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पैजेल ने बताया कि इन लोगों का जंक फूड और रेजीमेंट लाइफस्टाइल के कारण इम्युनिटी सिस्टम काफी खराब हो गया है। इस कारण बार-बार वायरल इंफेक्शन और फीवर जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन, इन सभी में से सभी के लिए गिलोय रामबाण सिद्ध होती है। गिलोय का पौधा लोग घर में भी लगा सकते हैं. इसकी पत्ती से लेकर जड़ावत तक में कई विशेष गुण हैं।
गिलोय से मिलेंगे कई फायदे
डॉ. वीके पैजेस ने बताया कि गिलोय का पौधा घर में भी लगाया जा सकता है। इसे लगाना काफी आसान है. गिलोय में लौह तत्व, मैग्नीशियम, मैग्नीशियम व कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके पत्तों को गर्म पानी में खौला कर उस पानी को पी सकते हैं। ध्यान रहे शतरंजी पत्ते को खाना नहीं है. यह पानी आपके शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने का काम करता है और आपके शरीर में डाइजेस्टिव सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।
ऐसा काम करता है गिलोय
आगे बताया कि गिलोय का सबसे बड़ा काम यह है कि जो बीमारी जहां होती है, उसे कहीं भी रोक देती है। धीरे-धीरे इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करके उस बीमारी को ठीक किया जाता है। इसके सेवन से सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार, वायरल इंफेक्शन, शरीर में दर्द, कमर में दर्द, सिर में दर्द, अधिक नींद आने की समस्या, घाव का जल्दी ठीक न होना जैसी समस्याएं जल्दी ठीक होती हैं।
सेवन कैसे करें
डॉ. वीके पैजेस ने बताया कि इसके पत्तों को पानी में स्टॉक करके पीया जा सकता है। साथ ही आप इसके जड़ो को भी पसंदीदा पानी में स्टॉक करके उस पानी को पी सकते हैं। पत्तों को धूप में सुखाकर और पीसकर स्टोर बनाकर रख सकते हैं। इसे भी आप गर्म पानी में एक-एक टुकड़ा लेकर पी सकते हैं। आप इसे खाली पेट या खाना खाने के बाद भी ले सकते हैं।
गिलोय के समय इन बातों का तीसरा भाग
डॉक्टर वीके के शिक्षक हैं कि गिलोय के समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे यह हर दिन नहीं है. इसमें दो-तीन दिन के अंतर में रहना है। इसके अलावा गर्भवती महिला या फिर ऐसे ही लोग जो बहुत ही गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं जैसे कि किडनी या फिर ऐसे ही मरीज़, डॉक्टर से सलाह के बाद ही इसका सेवन करें। साथ ही एक बार में एक गिलास के पत्तों का पानी पिएं।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 15:34 IST
