रामकुमार नायक/रायपुरः छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब अगरबत्ती आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर में रोजगार के साधन देना है और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। इस प्रयास में शासन प्रशासन के अलावा सहयोगी समितियाँ भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक में सबसे पहले इस प्रकार महिला सहायता और बिहान समूह का संचालन हो रहा था। इन विचारधारा के अंतर्गत, भारतीय नारी शक्ति सहयोग समिति का एक हजार महिलाओं का समूह है, जिसमें 10 हजार महिला सदस्य हैं। इसके माध्यम से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रही हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी समर्थन मिल रहा है।
श्याम अगरबत्ती माना रायपुर से लगभग 25 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया और इन महिलाओं ने इसके बाद 7 अगरबत्ती की कमी को पूरा किया, जिसके माध्यम से उन्होंने अगरबत्ती बनाने का काम शुरू किया। इन मशीनों की लागत प्रति मशीन 1 लाख 20 हजार रुपये है, और प्रति माह एक मशीन से लगभग 20 हजार रुपये की कमाई हो रही है। इस तरह, 7 इकाइयों से जुड़ी महिलाओं की कुल मासिक आय 1 लाख 40 हजार रुपये हो रही है। अगरबत्ती महिलाएं आत्मनिर्भर अच्छा दावा कमा रही हैं। भारतीय नारी शक्ति सहयोग समिति की अध्यक्ष हरिता पटेल ने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति सहयोग समिति के अंतर्गत गांव की महिलाएं अगरबत्ती बनाने का काम कर रही हैं।
प्रति किलो 10-20 रु
लॉकडाउन के समय महिलाएं अगरबत्ती बनाने में लगी हुई हैं, और इस उद्यम के माध्यम से महासमुंद जिले के इलाके में तैयार हो रही अगरबत्ती से राजधानी के अलावा अन्य ओझाओं को भी महका रही हैं। इस सामाजिक प्रोत्साहन और आत्मनिर्भरता के प्रयास से महिलाएं अब अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रही हैं। महिला समिति ने सबसे पहले अगरबत्ती बनाने की मशीन और प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिसके बाद वे प्रीमियम अगरबत्ती तैयार कर रही हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से, प्रतिदिन 50 से 70 किलो अगरबत्ती पैदा हो रही है, और महिलाएं होलसेलर और स्टिचर के माध्यम से बेच रही हैं। इस उत्पाद के माध्यम से महिलाओं को प्रति किलों में 10-20 रुपये का दावा हो रहा है, जो महीनों में होने वाले मुन्ना का खुलासा किया जा सकता है। अगरबत्ती निर्माण करके, महिलाएं आत्मनिर्भर होकर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, और इसके माध्यम से वे अपनी टीम को आसानी से पूरा कर रही हैं।
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पहले प्रकाशित : 19 नवंबर, 2023, 11:46 IST
