आखिरी बड़कुल/दमोह. मप्र के दमोह जिले में लगातार ही कबाड़ी की संख्या में तेजी से गिरावट हो रही है। वजन बढ़ने और हार्मोन्स में गड़बड़ी होने पर वजन बढ़ने की समस्या बढ़ती नजर आ रही है। अक्सर उम्र के साथ महिलाओं में बेरोजगारी बढ़ने या कम होने की समस्या अधिक होती है। थायर आयोडीन दो तरह का होता है, जिसमें हाइपरथायर आयोडीन और हाइपोथायर आयोडीन शामिल है। यदि आपका भी नया चित्र है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के इन दो फूल की पत्तियों और मूली का सेवन न करें। यह हरी औषधि हमारे स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होती है।
पूर्वी, जिले के जबेरा, घानामेली, कलेहरा, इमलाई और राजघाट सहित अन्य क्षेत्रों में जहां भारी मात्रा में मूली, फूल गोभी का उत्पादन किया जा रहा है। यदि थाई सवारी रोगी बिना डॉक्टर की सलाह के लेता है, तो ये महत्वपूर्ण रोगी की मुश्किलें बढ़ जाती हैं.
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ब्रजेश कुलपारिया ने बताया कि आयुर्वेद में इसे एप दो ग्रंथि रोग कहा जाता है, जो मेटा बोलिजम से जुड़ी हुई बीमारी है, जिसमें पिट्यूटरी थायरोशिन रिलीज होती है। इसका कारण मेटा बोलिंजम से सही है। डायजेशन सैटेलाइट हो जाने की वजह से ही इस बीमारी से मरीज को फूल पेटी और मूली खाने से आराम मिलता है, क्योंकि मूली गैस टेस्ट करती है। साथ ही फूल-गोभी और मूली को भी छुड़वाया जाता है।
महिलाओं में तलाक की बीमारी सबसे ज्यादा
पुरुषों की तीक्ष्ण महिलाओं में अक्सर अनिद्रा की बीमारी देखी जाती है, क्योंकि महिलाओं में हार्मोन की अधिकता होती है। यह बीमारी हार्मोन्स से ही जुड़ी हुई है, जिससे महिलाओं को थाइराइड बीमारी का शिकार होना पड़ता है।
.
टैग: दमोह समाचार, स्वास्थ्य, ताज़ा हिन्दी समाचार, जीवन शैली, स्थानीय18, एमपी न्यूज़, थाइरोइड
पहले प्रकाशित : 25 नवंबर, 2023, 09:22 IST
