रामकुमार नायक, रायपुरः छत्तीसगढ़ के सुंदर अभयारण्यों में से एक, नवापारा अभ्यारण्य में, हाथों की मदद से एक ऑपरेशन बायसन संरचना जारी होगी। इसके लिए महासमुंद जिले से कुमकी हाथी तीरथराम और परशुराम को सूचीबद्ध करने के लिए उपयोग किया जा रहा है। इन हाथों को जंगली कंकाल को नियंत्रित करने के लिए कुमकी हाथी का सहारा के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
कुमकी हाथी के महावत हबीर मिंज ने बताया कि ये हाथी जंगली हाथी से काफी अलग होते हैं और तीरथराम एवं परशुराम महावत के अनुसार इनका काम भी अलग होता है. इन हाथियों की अहम भूमिका होती है जब-जब जंगली जानवर बीमार होते हैं या घायल होते हैं, तब-तब कुमकी हाथी के साथ मिलकर उनका इलाज किया जाता है। विशेषकर जंगली हाथों को नियंत्रित करने में उनका विशेष योगदान होता है। इस बार इन हाथियों को बार नवापारा अभ्यारण्य के बायासनों को समर्पित करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
बायसन के साथ मित्रता बढ़ाने का प्रयास
महावत हबीर मिंज ने आगे बताया कि कुमकी हाथी बनाकर की सहायता से 40 बायसनों को गुरु घासीदास नेशनल पार्क, कोरिया में स्थानांतरित किया जाएगा। इन हाथों को महावत और डॉक्टर सवार के साथ ट्रेंकुलाइज किया जाएगा। ओहियो, ये हाथी बार नवापारा के श्रीरामपुर में रखे गए हैं और यहां के वातावरण में डूबने के साथ-साथ बायसनों के साथ मित्रता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि ऑपरेशन बायसन सफल हो सके।
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पहले प्रकाशित : 1 दिसंबर, 2023, 16:49 IST
