लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा: जांजगीर जिला मुख्यालय से सात गांव खोखरा के रहने वाले कृष्णा आदित्य ने खुद का व्यवसाय करने का थाना और 2020 में पशुपालन शुरू किया। शुरुआत में बायलर ने पशुपालन किया, लेकिन अस्वाभाविक उद्यम कम हो रहा था। उसके बाद कृष्ण ने छोटे स्तर पर 500 चूजों का सोनाली पालन किया, अब 2000 सोनाली पालन कर लाखों कमा रहे हैं।
जांजगीर चांपा जिले के जिला मुख्यालय जांजगीर से सटे गांव खोखरा में पालन-पोषण कर रहे हैं। शुरुआत में बायलर का पालन किया गया था। जिसमें रिवोल्यूशन कम,नुक्सान ज्यादातर होने के कारण सोनाली ब्रेडर्स आर्किटेक्ट का पालन करना लगा। उन्होंने बताया कि इसमें सोनाली बियर में लुक-लाइन कम करना शामिल है। बायलर पशुपालन की लागत भी कम है।
पशुपालन से लाखों की कमाई
इस समय कृष्णा 2000 सोनाली मुर्गी के चूजों को लाए हैं, जिसने प्रति चूजा 30 रुपए के खाते से खरीदा है। इस चूजे को 01 किलो आकार करने में ताकत से तीन महीने लगे हैं। उसकी कीमत प्रति स्ट्राइकर की कीमत 150-170 रुपये तक है। इसके बाद थोक रेट 240-250 रुपये में बेचे जाते हैं, इस तरह से पालन कर लाखों रुपये कमा रहे हैं। मछली पालन के साथ-साथ मछली पालन भी कर रहे हैं।
सोनाली पालनेवाले में
कृष्णा आदित्य ने बैलगाड़ी में प्रोफिट के बारे में बताया कि अगर आप सोनली मुर्गी का पालन करते हैं, तो एक मुर्गी को बड़ा करने में ताकत से तीन महीने लगते हैं। उन्होंने बताया कि पूरा खर्चा जोड़ में 150 से 170 रुपये आता है। इसकी कीमत 250 रुपये है, और चिलर मार्केट में इसकी कीमत 350 रुपये है.
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पहले प्रकाशित : 1 दिसंबर, 2023, 19:05 IST
