राहुल दवे/इंदौर. मौसम के अनुसार अपनी त्वचा को लेकर कई लोग अलग-अलग तरह के उत्पादों का उपयोग करते हैं। बिना डॉक्टरी सलाह के इन उत्पादों को किसी भी दुकान, स्टोर या नीम हकीमों के पास से ले लें और बाद में त्वचा खराब हो जाती है। विश्वासियों का कहना है कि डॉक्टर की सलाह के बिना या बिना पूछे इस तरह के त्वचा उत्पाद लेने से त्वचा खराब हो सकती है।
चर्म रोग विशेषज्ञ संदीप शिल्पी का कहना है कि स्किन किरण से पहले ही रिसाल्ट का इस्तेमाल शुरू कर दिया जाता है, क्योंकि इसमें ध्यान न देने से घाव हो सकते हैं, जो जल्दी भी नहीं भरते और बहुत आराम देते हैं। कई लोगों में इस प्रकार का एक्जिमा होता है, जिसका समय बढ़ जाता है। यह सिर्फ डॉक्टर की क्रीम और चॉकलेट से ही ठीक होता है। इसके अलावा भी कई कारक होते हैं, जो त्वचा को झटका देते हैं। इसलिए अभी से ही त्वचा की देखभाल शुरू हो जाती है, जिससे आपकी त्वचा चमकने लगती है और शरीर को भी नुकसान नहीं होता है।
एडवर्टाइज के झाँसे में न अयुति
डॉक्टर शिल्पी के अनुसार, इन दिनों उपभोक्ता सामान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एडवरटाइजमेंट करने लगी हैं। ऐसे में कई लोग इन ऐडवर्टाइज से प्रभावित उत्पादों की खरीददारी कर रहे हैं। इंस्टेंट गोरापन और ग्लो डिले के लिए व्यापारी उत्पादों में केमिकल्स मिलाते हैं, जो स्कार्फ को झटका देते हैं। इसलिए ऐसे उत्पादों का उपयोग करने से बचाया जाता है। ये खतरनाक साबित हो रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी त्वचा उत्पाद को बाहर से न खरीदें।
एटोपिक स्कर्ट वाले ध्यान
डॉ. संदीप ने बताया कि कुछ लोगों की त्वचा, सिलिकॉन, सिलिकॉन, मछली, मछली आदि जैसी चीजें होती हैं। ठंड के मौसम में लोगों को काफी परेशानी होती है। इस तरह की त्वचा को एटोपिक त्वचा कहा जाता है। इन लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि कॉटन के कपड़े ही ऊनी कपड़े के कपड़े पर रखें। डायरेक्ट यूनी फिल्म के संपर्क ना अस्टिमी में। ऊनी और कपड़े की खाल पर चिपकाते हैं, जिससे परेशानी बढ़ती है। स्किन को भी नुकसान हो सकता है.
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पहले प्रकाशित : 2 दिसंबर, 2023, 09:42 IST
