छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम) के नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। राज्य की 90वीं विधानसभा पर 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान हुआ था। अभी राज्य में कांग्रेस की सरकार है और अपनी वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, मुख्य व्यवसायिक भाजपा ने भी पूरा जोर लगाया है।
आइए आपको छत्तीसगढ़ के 10 ऐसे कद्दावर नेताओं के बारे में बताते हैं, इस विधानसभा चुनाव में साख दांव पर लगी है और उनकी हार-जीत से काफी कुछ तय है…
1- आर्किटेक्चर बेवेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पाटन विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं। पांच बार के नेता राहुल गांधी इसी तरह की सीट से पिछली बार के नेता चुने गए थे। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार इस सीट से मिनिमम विक्ट्री को आउट कर मुकाबले का रोमांच बना दिया है। आपको बता दें कि विक्ट्री चावला, स्टेनलेस स्टील के मालिक हैं और 2008 में उन्हें हरा दिया गया था।
2- रमन सिंह
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कद्दावर नेता और तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह की किस्मत भी दांव पर है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह राजनंदगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने अपने जंगली देव विरुद्धांगन को मैदान में उतार दिया है।
3- टीटीएस सिंहदेव
इस विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी.एस. सिंहदेव की किस्मत का फैसला होना है। सिंहदेव अंबिकापुर सीट से मैदान में हैं और तीन बार चुनाव जीते हैं। राज्य के उप-मुख्यमंत्री रहे टीएस सिंहदेव ने बीजेपी के अनुराग सिंह को पटखनी दी थी।
4- डॉ. चरण दास महंत
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इंजीनियर डॉक्टर चरण दास महंत शक्ति विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में धारणा यह है कि जो इस सीट से चुनाव जीतता है, अमूमन वही व्यक्ति बनता है। ऐसे में इस बार चुनाव नतीजे देखने होंगे.
5- अरुण साव
भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष और बिलासपुर से न्यूनतम अरुण साव को लोरमी सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। कांग्रेस के राजनेता भगवान साहूकार उन्हें चुनौती दे रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर छत्तीसगढ़ के चुनाव में बीजेपी सत्ता में आई तो सेव को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती.
6-रेणुका सिंह
इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह की भी किस्मत खराब है। भाजपा ने उन्हें जूनून सोनहत विधानसभा सीट से मैदान में उतार दिया है। वह रमन सिंह की सरकार में मंत्री भी बने हुए हैं. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गुलाब कामरो को चुनौती दे रही हैं।
7- कवासी लक्षमा
कांग्रेस के दिग्गज नेता कवासी लखमा कोंटा सीट से लड़ रहे हैं. राज्य की स्थायी सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा, छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेता प्रतिपक्ष हैं और वर्ष 1998 से लगातार चुनाव जीत रहे हैं।
8- मोहन मरकाम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहन मरकाम की किस्मत भी चुनावी दांव पर है. अस्थिर सरकार में मंत्री मोहन मरकाम छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2003 से अब तक दो बार चुनाव जीत चुके हैं। इस बार कोंडागांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
9- मोहम्मद अकबर
राज्य के एकमात्र मुस्लिम नेता अकबर मोहम्मद को कांग्रेस ने कवर्धा सीट से मैदान में उतार दिया है। बुज़ुर्ग सरकार में परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर चार बार से नेता बने हैं। साल 2018 में उन्होंने भारी भरकम जीत हासिल की थी।
10- डॉ. रेनू जोगी
जनता के नेता डॉ. रेनू जोगी के लिए यह विधानसभा चुनाव बहुत अहम है। वह कोटा सीट से चुनावी मैदान में हैं और इसी सीट से वर्तमान में विधायक हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि डॉ. जोगी इसी सीट से लगातार चार बार विधायक बने हैं। इस बार कांग्रेस ने सीएम वल्लभभाई पटेल के करीबी अटल भगवान को यहां से टिकट काउंटर मुकाबला बनाया है। वहीं,. बीजेपी से प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ताल ठोक रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 07:49 IST
