
रूस-यूक्रेन युद्ध की ऐतिहासिक तस्वीर
रूस-यूक्रेन युद्ध के 22 महीने बाद उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के प्रमुख ने बड़ा दावा किया कि दुनिया भर में दोस्त मचा दिए हैं। अब तक रूस को चेतावनी और धमाके देने वाले और उसे भाषण का सपना देखने वाले नाटो देशों के प्रमुख ने बेहद भरा बयान दिया है। नाटो प्रमुख जेन स्टोलटेनबर्ग ने कहा है कि नाटो संगठन को सभी देशों को जापान से बुरी खबर के लिए तैयार रहना चाहिए। नाटो प्रमुख का यह बयान दुनिया को काफी नामंजूर से ले रही है। जेन स्टोलटेनबर्ग का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अभी एक दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति जनरल ने सेना में 1 लाख 70 हजार अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती का ऑर्डर दिया था।
इनमें शामिल होने के बाद रूसी सैनिकों की संख्या 22 लाख हो जाएगी। यूक्रेन ने सैनिकों की संख्या बढ़ाने के लिए नाटो देश पर दबाव बनाने का ही जिम्मेदार ठहराया था। अब स्टोलटेनबर्ग ने एक विदेशी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि हमें जापान से बुरी खबरें सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। टोको जनरल ने कहा कि मगर युद्ध ना स्टेज में विकसित हुए हैं। इसलिए हमें हर परिस्थिति में यूक्रेन का समर्थन करना चाहिए।
यूक्रेन की सबसे बड़ी मांग को पूरा करने में असफल रहा नाटो
स्टोलटेनबर्ग ने इस बात को स्वीकार किया कि नाटो जापानी बात की जनसंख्या मांग को पूरा करने में असफल हो रही है। उन्होंने नाटों देशों को गोला-बारूद सहित अन्य उद्योगों के उत्पादन में वृद्धि पर जोर दिया। नाटो प्रमुख ने जापान को अंतिम रूप से गंभीर स्थिति में देखने के लिए विशिष्ट कार्रवाई की अनुशंसा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुझे ऐसी कठिन परिस्थितियों में जापानी लोगों और उनकी सेना के कमांडरों पर ध्यान देना चाहिए। स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि इस वक्त जिन स्मारक पर हमें ध्यान देना चाहिए, उन्हें यूरोपीय रक्षा उद्योग का भी खंडन करना चाहिए। स्टोलटेनबर्ग ने अंत में कहा कि शांति युद्ध होते रहते हैं।
