पटना. देश के तीन हिंदी स्ट्रैटेजिक क्षेत्र मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड की जीत के बाद कांग्रेस को करारा झटका लगा है। बिहार कांग्रेस भी इसे लाइसेंसा नहीं है. चुनाव परिणाम आने के बाद बिहार कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में शिष्या पसर गया। बिहार कांग्रेस की ओर से पार्टी मुख्यालय में एक बड़ी स्क्रीन पर चुनावी नतीजे देखे जा रहे थे लेकिन चुनावी रुझान और बाद में नतीजे आने के बाद कार्यकर्ता मोहा कांग्रेस मुख्यालय से निकले।
इस बीच बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अलोकतांत्रिक प्रसाद सिंह सदाकत आश्रम। चुनाव से एक दिन पहले बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नतीजों को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की थी और कहा था कि बीजेपी ने स्टेनाबूड हो जाएगा लेकिन एक दिन बाद ही अखिलेश सिंह के मुखर चेहरे नजर आ रहे थे. चुनावी नतीजों को लेकर मोह दिख रहे बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे आशा के विपरीत बताया।
मीडिया कर्मियों से बात करते हैं, अखिलेश सिंह ने कहा कि चुनावी नतीजे और रुझान निश्चित रूप से कांग्रेस के ढांचे पर नहीं हैं और विश्लेषण के बाद हम लोग इस पर मनमथेंगे। डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव परिणाम हमारे ग्रिड में नहीं हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर तरह-तरह की बातें हो सकती हैं। सभी को अपनी-अपनी बातें कहने का अधिकार है।
बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस मठ और विश्लेषण के बाद मीडिया को हार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 6 दिसंबर को आईएन डीएआई गठबंधन की बैठक में सभी मसलों पर विस्तार से चर्चा होगी और लोकसभा चुनाव को लेकर बैठकर दोस्ती पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी।
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 14:50 IST
