अभय विशाल/छपरा: आयुर्वेद में ऐसे कई स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है कि खाली पेट अगर सेवन किया जाए तो सेहत को बहुत फायदा होता है। इसका एक कारण यह भी है कि सुबह में खाया हुआ नीवे का असरदार अपशिष्ट अवशेष है। आज हम बात करेंगे लौंग के बारे में। लौंग कई औषधीय गुणों से भरपूर ऐसा मसाला है जो हमारे भोजन का स्वाद है। लौंग का इस्तेमाल सिर्फ खाने को स्वादिष्ट बनाने में ही नहीं किया जाता बल्कि इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है।
दूर से कई प्रभाव पड़ते हैं
रेस्तरां के जाने माने आयुर्वेदाचार्य स्वामी संदीपन ने बताया कि सुबह खाली पेट लौंग की काली चौबना पेट के लिए फायदेमंद होती है। लौंग को चबाने से इस आर्क पेट में प्रवेश मिलता है जो शरीर को कई समस्याओं से दूर रखता है। उन्होंने बताया कि लॉन्ग पेट के मरीजों के इलाज के लिए बेहतरीन दवाएं उपलब्ध हैं। यह भूख बढ़ाने के साथ-साथ पेट में होने वाले कीड़े की समस्या से भी राहत दिलाता है। यह बॉडी को डिटॉक्स करने में भी असरदार है। साथ ही गैस, अपच और पेट की चुनौती में लौंग काफी असरदार होती है।
ट्रैक्टरों को भी मजबूत करने का एक तरीका है
आयुर्वेदाचार्य स्वामी संदीपाचार्य ने बताया कि लौंग के सेवन से केवल दांतों के दर्द का ही इलाज होता है, बल्कि इसके तेल को सुंघने से ही सिर का दर्द भी दूर हो जाता है। उन्होंने बताया कि लौंग के अंदर “विटामिन सी” पाया जाता है। साथ ही ये एंटीऑक्सीडेंट का भी मुख्य स्रोत है. ऐसे में अगर खाली पेट का सेवन किया जाए तो यह सफेद गैस को बढ़ाने का काम करता है। यदि किसी की हड्डियाँ ख़राब हैं या टुकड़ों में सूजन है तो सुबह के सपने के लौंग की दो काली चौबना एक बेहतर विकल्प है। लौंग को मजबूत बनाता है.
(ध्यान दें – यह लेख सिर्फ आयुर्वेदाचार्य द्वारा बताई गई जानकारी पर आधारित है। स्थानीय 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है। इसलिए इस पर अमल करने से पहले एक बार अपने आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह जरूर लें।)
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 06:01 IST
