अनूप/कोरबाः अवास्तविक में प्रतिबंधित सर्वोच्च भगवान श्री राम के अनेकों मंदिर हैं। इनका सबसे बड़ा आस्था केंद्र है, अयोध्या का राम मंदिर, जहां भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2023 को अभिजीत महोत्सव में की जाएगी। इस महत्वपूर्ण घड़ी में राम भक्त बहुत उत्सुक हैं। देश में भगवान राम के अनेकों प्रतीकों के साथ-साथ, हर स्थान की अलग-अलग मान्यताएं भी हैं। आज हम एक ऐसे ही मंदिर की चर्चा करेंगे जिसका नाम “बड़ा राम मंदिर” है, जहां 100 से भी अधिक वर्षों से अद्वितीय ज्योति जल रही है। इस स्थान की व्याख्या इसलिए भी है क्योंकि यहां बताया गया है कि वनवास के दौरान प्रभु श्री राम ने इसी स्थान पर विश्राम किया था।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित है एक गुफा मंदिर, जहां भगवान श्री राम की मूर्ति है। सीतागढ़ी गुफा में सातवीं शताब्दी में राम, लक्ष्मण और अत्रि मुनि की निर्मित प्राचीन मूर्तियाँ स्थित हैं। मुनि की बड़ी मूर्ति और दोनों ओर राम-लक्ष्मण की मूर्तियाँ हैं, जबकि एक पद पर माता सीता का हस्ताक्षर है। गुफा के बाहरी भित्ति चित्र हैं और इस स्थान का महत्व महाराज श्री श्री 1008 जगन्नाथ दास जी महाराज ने देखा था, गुफा के पास एक छोटे से मंदिर की स्थापना हुई है, जिसका नाम “बड़ा राम मंदिर” है। इस मंदिर में अनोखी धूनी भी जल रही है, जिसके बारे में हमारे पुजारी भजनलाल पंडा जी से बातचीत है।
130 साल से जल रही ज्योति
पुजारी भजनलाल पंडा जी ने बताया कि यह ज्योति लगभग 130 वर्षों से जल रही है, और इस ज्योति को उनके गुरु, महाराज श्री 1008 जगन्नाथ दास जी महाराज ने जलाया था। दास जगन्नाथ महाराज जी ने 2007 में समाधि ली और उनके बाद से भी इस स्थान पर सेवा जारी है। पुजारी ने बताया कि उनके गुरु एक सिद्ध पुरुष और भगवान हनुमान के भक्त थे। उनके समय इस स्थान पर भक्तों की भीड़ लगी रहती थी, और इसी ज्योति से भक्तों को भगवान की मुलाकातें होती थीं। ज्योति आज भी जल रही है और भक्तों की आस्था से जुड़े हुए हैं, जिससे भक्त इस मंदिर में धूनी के लिए आते हैं।
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 06:16 IST
