अंजू प्रजापति/रामपुरः हिंदुस्तानी संस्कृति में आस्था के शौकीन की परंपरा बहुत पुरानी है। भारत में समोसा लाखों लोगों द्वारा पसंद किया जाने वाला बेहद लोकप्रिय व्यंजन है। जिसे शाम के अलॉटमेंट में चाय और मच के साथ बनाया जाता है। पूर्वी एशिया में कई लोगों के लिए शाम का नाश्ता बिना समोसे के नहीं होता और हो भी क्यों न कोई चीज और चाय के साथ बेहद लाजवाब लगता है।
शहर के हर गली-मोहल्लों में समोसे खूब बिकते हैं। लेकिन दुर्गा स्वीट्स भंडार पर बनने वाले समोसे का कोई मुकाबला नहीं है। डिपार्टमेंटल डिस्ट्रिक्ट के मिस्टन गंज स्टिथ दुर्गा स्वीट्स पर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक ऑर्डर की कतार लगी रहती है। यहां गरमा गरम स्वाद से भरपूर आलू की सब्जी, दही व चिप्स के साथ मसाला हुआ करारा समोसा लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
25 संतों से दुर्गा स्वीट्स की दोबारा सलाह
डूबे हुए छात्र कुमार ने 25 साल पहले हैक की दुकान पर 1 रुपये से समोसा व्यवसाय शुरू किया था। लेकिन समय के साथ समोसे की कीमत इस तरह से बढ़ी कि आज दिन के 4 से पांच हजार समोसे बिक गए और एक समोसे की कीमत 7 रुपये है। साथ ही उन्होंने बताया कि 25 साल पुराने स्वाद भंडार के लिए समोसे की गुणवत्ता पर भी कोई सहमति नहीं है। घर से तैयार किए गए शुद्ध पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग किया जाता है।
समोसे का स्वाद बढ़ाता है समोसे का स्वाद
हरी मिर्च को लहसुन की कुछ काली, ताजा हरा धनिया, काली मिर्च, कला नमक और इमली की चटनी तैयार की जाती है। मिठाई बनाने के लिए गुड़ और इमली के गुड़ का उपयोग किया जाता है. इस चिप्स को पीसकर बनाने का तरीका काफी पुराना है जो कि काफी पसंद आता है। यह इतना स्वादिष्ट होता है कि समोसे का स्वाद बनाने के लिए मुख्य रूप से बेचा जाता है।
.
पहले प्रकाशित : 6 दिसंबर, 2023, 12:53 IST
