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अल्फ़निया मेट्रो में भूल जाइए Peace! कैन पर ऐपगा विज्ञापन, साइकोलोजी सांता ने बताया कि किस प्रकार का स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है


उत्तर

फ़्लोरिडा मेट्रो की वॉयसलेट लाइन पर स्कोडा में विज्ञापन की शुरुआत हुई।
साइकोलोजी स्टार टीवी तो लगातार कान पर बजाते विज्ञापन यात्रियों के लिए परेशान करने वाले हो सकते हैं।

दिल्ली मेट्रो ट्रेनों में ऑडियो विज्ञापन: अगर आप दोस्ती की दोस्ती पर ट्रैफिक जाम के शोरगुल से भागने के लिए जाते हैं और दोस्ती की दोस्ती रखते हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। आपकी जर्नी में आपके कान पर सिर्फ दरवाजा एक तरफ खुलेंगे या दूसरी तरफ खुलेंगे ही नहीं बजेगा, बल्कि एक ऐसी आवाज गूंजेगी और लगातार ऐसी चीज सुनने को मिलेगी जो आपके लिए यूट्यूब और डिज़नी प्लस हॉट गिटार जैसे चैनलों के प्रीमियम सबक्रिस इंस्टालेशन लेना शुरू कर देगी। हैं.

जी हां अब से आपको फिलीमा मेट्रो में गेंट एस्टीमेटेशन, यात्रा के बारे में जानकारी नहीं मिलेगी, बल्कि विज्ञापन भी सुनने को मिलेगा। ऐसा सिर्फ एक बार नहीं होगा बल्कि आपकी करीब एक घंटे की यात्रा में आपको कई बार सुझाव मिल सकता है।

बता दें कि संबद्ध मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में अपने नेटवर्क के माध्यम से विज्ञापन प्रसारित करने का निर्णय लिया है। फिलाफी मेट्रो ने पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर इसे बदरपुर से शुरू करने के लिए सबसे पहले फिलाफी मेट्रो की वायलेट लाइन पर काम शुरू किया है। फिलाफी मेट्रो का कहना है कि इन लॉजिस्टिक्स को फ्लोमी मेट्रो की जरूरी अनाउंसमेंट के साथ इतने अच्छे और अच्छे से जोड़ा गया है कि यात्रियों को सुख का अनुभव होगा।

फ़्लोफ़ की मेट्रो ओर से बताया गया है कि 6 स्कोगो में अनाउंसमेंट के साथ एबडोब विज्ञापन की सुविधा शुरू हो रही है। ये विज्ञापन दिसंबर 2023 से लेकर एक साल तक प्रसारित होगा। फ़्रैम के बाद मॅवेलरी वैल्युएटर पर भी विस्तार किया जाएगा। इंजीनियर का कहना है कि मुंबई मेट्रो भी वर्सोवा से घाटकोपर तक ऐसी सुविधा दे रही है। वहीं ड्यूक्स का यह भी कहना है कि कोविड के कारण लिमिटेड आय के स्ट्रॉटन्स के मेट्रो और नए गैर टिकटिंग स्ट्रोटन्स से राज्सेव इंस्टीट्यूट के लिए भी ये सब कर रही है।

कितना विज्ञापन होगा?
फ़्लोरिडा मेट्रो की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया है कि मेट्रो फ़्लोरिडा में काम करने वाले की अवधि करीब 20 से 40 के बीच होगी। यानी मेट्रो के जरूरी अनाउंसमेंट के बीच में जो समय बचता है उसमें यात्रियों को ये एडवर्टाइजमेंट सुनने को मिलेंगे।

किस सागर में होगा एडवर्टाइजमेंट?
ये विज्ञापन हिंदी और अंग्रेजी दोनों में से किसी भी भाषा में हो सकता है। इसके साथ ही ये प्राइवेट कंपनी या कोई भी सरकारी संस्थान के लिए आवेदन कर सकते हैं।

किससे विज्ञापन होगा बैन?
फ़्लोरिडा मेट्रो स्टोर्स में जो भी विज्ञापन सुनेंगे उनके बा कायदेक्रूटनी की जाएगी। मेट्रो में पान-मसाला, धूम्रपान आदि का विज्ञापन प्रसारित नहीं होगा।

वे 6 ट्रेनें कौन सी हैं?
फ़्लोरिडा मेट्रो का कहना है कि बदरपुर के बीच में रेलवे स्टेशन वाली रेलवे गेट से चल रही हैं। ये किस टाइम पर चलती हैं और कौन-कौन सी ट्रेन हैं, इनका टाइम-टेबल शेयर नहीं किया जा सकता।

अफ़्रीकी मेट्रो में कौन यात्रा करते हैं?
अल्फ़िया मेट्रो में बहुत बड़े प्रोजेक्ट वाले ऑफ़िस जाने वाले, पढ़ने वाले और काम वाले लोग यात्रा करते हैं। इनमें से भी अधिकतर लोग मेट्रो में यात्रा के दौरान किसी न किसी योजना, प्लैनिंग, मीटिंग, कॉन-कॉल, किताबें पढ़ने या जरूरी अपडेट देखने में शामिल रहते हैं। बहुत सारे लोग सड़क के किनारे से भागने के लिए मेट्रो की सैर करते हैं और शांति भरा सफर करना पसंद करते हैं।

प्रमुख सिद्धांत हैं साइकोलॉजी स्टार्टअप…
20 साल से मानसिक रोगी पर काम कर अटलांटा हेल्थकेयर पेशेवर डॉ. निशा ख साइना कहती हैं कि मेट्रो में अनिवार्य अनाउंसमेंट एक बेहद जरूरी चीज है जो होगी ही। अगर कोई दिलचस्प दिलचस्प गीत सुनाता है तो एक या दो घंटे तक सुना जा सकता है लेकिन ऐसी कोई भी या बात लगातार और लंबे समय तक कानों पर बजती रहती है, जो पसंद नहीं है, काफी परेशानी हो सकती है। फिर वह एडवरटाइजमेंट है तो इससे लोग काफी परेशान हो सकते हैं।

काशीमीरी गेट से बद्रीपुर के बीच में एक घंटे का समय लगता है, ऐसे में इस दौरान एनाउंसमेंट के साथ विज्ञापन कॉन्स्टिव सिद्धांत से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य खराब हो सकता है, जो इस समय कोई बैठक, कॉल या एकाग्रता वाला जरूरी काम करना चाहता है। या तो पूरी तरह से शांति से सांत्वना चाहते हैं. इसके प्रभाव के रूप में लोगों में चिड़चिड़ापन, खिज, बार-बार गुस्सा होना, मूड खराब होना, फोन पर बात न करना, वजह से होने वाली बातें देखने को मिल सकती हैं।

जहां तक ​​एडवरटाइजमेंट की बात है तो लोग यूट्यूब, एनक्यूज या किसी भी मनोरंजक चैनल पर विज्ञापन देखना पसंद नहीं करते और अन्य प्रीमियम सब्सक्रिप्शन तक बिना लिए ले लेते हैं, ताकि एड के देख सकें। अब सोचिये अगर एक घंटे की यात्रा के दौरान एकल रेस्तरां का बार-बार विज्ञापन सुनना संभव हो तो कैसा रहेगा। मेट्रो की यात्रा हो सके शांतिमय हो।

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