गौहर/दिल्ली: समोसा का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है. समोसा सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में भी बहुत पसंद किया जाता है. नॉर्म समोसा के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन आप जापानी समोसा के बारे में क्या जानते हैं?
शायद आप सोच रहे होंगे कि इस समोसे का नाम जापान के नाम पर रखा गया है, लेकिन जापानी समोसे का जापान से कोई लेना-देना नहीं है। यह समोसा दिल्ली के नाज़ुक चौक में मनमोहक डोबे पर बनाया जाता है। दुकान के मालिक स्टोक्स ने बताया कि उनकी दुकान का नाम ताऊजी लाला मनोहर शाह के नाम पर है। यह दुकान करीब 99 साल पुरानी है।
जापानी समोसे की शुरुआत
दुकान के मालिक स्टोक्स ने बताया कि 1924 की शुरुआत में उनके ताऊजी मनोहर ने की थी। समोसे के आकार की वजह से ही इसका नाम जापानी समोसा डाला गया है। इस समोसे में 60 परतें होती हैं. जबकि इस समोसे के अंदर आलू का मसाला डाला जाता है। उन्होंने बताया कि इस समोसे के साथ पापड़ी के खाने की जानकारी भी नीचे दी गयी है. इन समोसों को बनाने में 5 घंटे का समय लगता है. एक प्लेट समोसे 50 रुपये में मिलता है, जिसमें दो समोसे मिलते हैं.
जापानी अखबार में छपी खबर
मैथ्यू ने बताया कि यह जापानी समोसे के साथ उनकी फोटो जापान के मशहूर अखबार द जापान टाइम्स में भी 2012 में छपी थी। जब भी जापान से टूरिस्ट स्क्वायर घूमने जाते हैं, तो इस दुकान पर ये समोसा जरूर खाते हैं और उनके साथ फोटो भी खानवाते हैं।
समोसे का स्मारकवाद है निराला
जीतबी नगर से आए राहुल ने बताया कि यह समोसा सबसे बेस्ट है। वह यहां पर खाने के लिए आते हैं। वहीं, ग्राहक सुनील ने बताया कि वह 2 साल से जापानी समोसा की दुकान बंद करके आ रहे हैं। इसका अद्भुतवाद लाजवाब है।
मनोहर समोसे वाले के यहाँ ऐसे पहुँचें
जापानी समोसा खाने के लिए आपको येलो मेट्रो लाइन से रिलैक्स चौक मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा। गेट नंबर 2 से बाहरी आकृति वाले ही गौरी शंकर मंदिर के बिल्कुल सामने वाली गली में थोड़ा सा अंदर वाला कुछ ही कदम पर आपको यह दुकान मिल जाएगी। यह दुकान सप्ताह भर में सात दिनों तक खुली रहती है। आप यहां सुबह 9:00 बजे से लेकर शाम 7:30 बजे के बीच कभी भी आ सकते हैं.
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पहले प्रकाशित : 7 दिसंबर, 2023, 14:43 IST
