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राजनाथ सिंह बाढ़ से हुए नुकसान का पता लगाने के लिए गुरुवार को टैंकर का दौरा करने वाले हैं।
सबसे पहले हुई मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से 17 लोगों की मौत हो गई
नई दिल्ली समुद्री तूफ़ान मिचौंग के कारण तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के साथ-साथ अन्य द्वीपों में भयंकर बारिश हुई, जिसके कारण सड़कें और घर जलमग्न हो गए। बिजली संकट की समस्या पैदा हो गई। वैसे तो मिचौंग अब ख़राब हो गया है लेकिन मिचौंग का असर अभी तक कई डेकोरों और एशिया में दिख रहा है। चेन्नई और उसके उपनगरों के कुछ विचारधाराओं में लोग अभी भी नोटबुक वाले पानी और बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। इस बीच राहत व बचाव कार्य तेजी से नीचे दिए गए हैं। वहीं आज मंत्री रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बाढ़ से हुए नुकसान का नुकसान उठाने के लिए गुरुवार को तमिल का दौरा करने वाले हैं।
स्कूल और कॉलेज बंद
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने भीषण बाढ़ के कारण चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू के सभी जंगलों और जंगलों की छुट्टियां गुरुवार तक बढ़ा दी हैं। पल्लावरम, तांबरम, वंडालूर, थिरुपोरूर, चेंगलपट्टू और थिरुकाझुकुंड्रम में आध्यात्मिक संस्थान आज बंद रहेगा।
दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी
भीषण बाढ़ के कारण पूरे शहर में दूध, पीने का पानी और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। असल में, सभी नीड की आपूर्ति में मधुमेह के उत्पादों का पूरी तरह से उपयोग किया जाता है। वहीं लोगों के दैनिक जीवन में आवश्यक वस्तुओं की कमी का संकट गहरा गया है।

मृतकों की संख्या 17 हुई
अनुमान है कि तूफान से पहले हुई मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ में 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिक मौतें चेन्नई में हुईं। चेन्नई में बड़े पैमाने पर बाढ़ के बीच बचाव के लिए मजबूर लोगों ने अपने घरों से बाहर नाली के लिए इनफ्लेट एन्जल राफ्ट और रस्सियों का इस्तेमाल किया। पानी से समुद्र तट पर रहने वाले लोगों की मदद के लिए समुद्र तट पर ले जाया गया।
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पहले प्रकाशित : 7 दिसंबर, 2023, 11:00 IST
