अरविन्द शर्मा/भिण्ड। अगर आप भी पेड़े खाने के शौकीन हैं तो आपको एक बार मध्य प्रदेश के भिंड के पेड़े जरूर खाना चाहिए। यहां के पढ़े गणेश के लिए काफी फेमस हैं। शुद्ध देशी घी से बने बेहतरीन स्वाद देने वाले जयकुमार के पेड़े की शोहरत और जायका दोनों ही खास हैं। इस पेड़ के दीवाने हैं कि शुद्ध घी का मक्खन और शुद्ध मावे का स्वाद मुंह में ही सराबोर कर देता है। थर्ड पार्टी हो या कोई और बड़ा इवेंट, इस दुकान पर शो के लिए नंबर रहता है।
दरसल भिंड शहर के गोल मार्केट में जयकुमार के पेड़े की 35 साल पुरानी दुकान है। वैसे तो यहां ज्यादातर मीठे पदार्थ देशी घी में ही बनाए जाने का दावा है, लेकिन सभी पेड़ों की बात ही अलग है। यही नहीं यहां के पेड़े के दीवाने दूर-दूर से आते हैं, दुकान संचालक मनोज कुमार जैन हमारे यहां हर रोज ऑर्डर देते हैं और यहां पर ताजा पेड़े ही तैयार करके देते हैं। इसे भिंड के अलावा और भी कई जगहों के लोग काफी पसंद करते हैं।
शुद्ध दूध के मावे से तैयार होते हैं पेड़े
जैन ने लिखा है कि उद्यमों के बीच ट्री की भव्यता और स्वाद बनाने के लिए हम विशेष ध्यान देते हैं, सबसे पहले तो हम दूध के मसालों का विशेष प्रयोग करते हैं। विश्वसनीय दूधिया गांव-गांव से दूध मंगाया जाता है। दूध में किसी भी प्रकार का उत्पाद ना हो, इस पर भी ध्यान दिया जाता है, इसके बाद हमारे हलवाई खाने में मावा तैयार किया जाता है आज भी परिवार के लोग ही अपने हाथों से मावा से बने पेड़े को तैयार करते हैं.
पेड़ बनाने की विधि विश्वास बनाए रखें
भिंड शहर में कई पेड़े हैं, लेकिन आज तक जय कुमार के घी से पेड़े अच्छे स्वाद के रूप में बने हैं, कोई दूसरा नहीं दे सकाहम मावा तैयार करने के बाद अन्य सामग्रियों के मिश्रण से पेड़े बनाने का काम खुद ही शुरू कर रहा है। विधि को भी नहीं जानते जैन साहब स्वयं ज्ञानी वृक्ष बनाते हैं इस पर सभी का विश्वास रहता है।
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पहले प्रकाशित : 7 दिसंबर, 2023, 15:05 IST
