आशुतोष/रीवा: हर शहर में खाने के लिए कुछ ना कुछ पसंदीदा चीजें जरूर होती हैं। ऐसे ही कुछ पुराने स्टॉल भी होते हैं जो सालों से अपने हाथ से बने जायके का स्वाद लोगों को दे रहे हैं. कई बार उनकी वजह से शहर भी पहचान में आता है।
रीवा में एक ऐसी ही चाय और आलू बड़े की स्टॉल है। पिछले 28 वर्षों से यह स्टॉल खुटेही यूनिवर्सिटी रोड रीवा में संचालित है। इस स्टॉल का नाम केशव टी स्टॉल है। आलू बड़ा के साथ ये स्टॉल चाय भी है मशहूर. यहां लोगों की सुबह की शुरुआत केशव के यहां मिलने वाले आलू के बड़े और गरमा गरम चाय के साथ होती है. केशव के आलू बड़े के स्वाद का जलवा 28 साल से बरकरार है।
दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली है तैयारी
स्टॉल के मालिक और रीवा वासियों को आलू बड़े का जायका वाले केशव सोंधियन का कहना है कि इस स्टॉल की शुरुआत उनके पिता की हुई थी। उनके पिता का नाम दिनकर सोंधिया है। पहले वो लोग यहां आलू बड़ा और चाय पीते थे। उसी समय लोगों के द्वारा आलू बड़े को खूब पसंद किया जाने लगा। धीरे-धीरे यहां लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सुबह के वक्त से ही यहां आलू बड़ा खाने वालों की भीड़ लगी रहती है. मैं और मेरे घर के सदस्य दोपहर 3 बजे से ही सभी लोगों को आलू बड़ा बनाने की तैयारी के बारे में बताया गया है। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक हम लोग आलू के बड़े खाते हैं. हमारे यहां 15 रुपये में दो आलू बड़े पैमाने पर मिलते हैं। जबकि चाय 5 आख्यानों में है. चाय की बात करे तो शाम तक चाय पसंद है। हमारी यहां की चाय को भी लोगों ने खूब पसंद किया है.
सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक 1000 आलू बड़ा देते हैं
केशव सोंधिया कहते हैं कि सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक 300 से 400 लोग आलू बड़ा खाते हैं। एक हजार आलू बड़ा हर दिन लोग खा रहे हैं। 28 साल पहले उनके पिता ने 5 किलो तक आलू बनाकर आलू के बड़े लोगों को खिलाया था. लेकिन आज 35 किलो आलू भी कम पड़ रही है। यहां के आलू बड़े के स्वाद का आनंद ले रहे लोगों ने बताया कि दूर दराज से आलू बड़े का स्वाद चखने के लिए यहां सुबह से ही पहुंच जाते हैं। यहां आलू बड़े के स्वाद का आनंद ले रहे लोगों ने बताया कि ये रीवा शहर का एक ऐसा स्टॉल है जहां सुबह से ही लोग आये हैं. इस इलाके में रहने वाले लोगों की सुबह की शुरुआत ही आलू बड़ा खाने से होती है.
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पहले प्रकाशित : 7 दिसंबर, 2023, 17:46 IST
