तनुज पाण्डे/आदिवासी। हमारी प्रकृति में एक पत्ता भी ऐसा है, जिसके लिए कई चुनौती से लड़ना बेहद खतरनाक माना जाता है। आयुर्वेद में इसे कई पिस्तौल से बैटरी वाला पत्ता माना गया है। आमतौर पर इस पत्ते का उपयोग घर में खाने में तड़का लगाने के लिए अलग-अलग तरीके से किया जाता है। जिसका स्वाद और भी निखार आता है। लेकिन इस पत्ते में ऐसे कई कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने के लिए उपकरण हैं।
हम बात कर रहे हैं तेज पत्ता की जो भारतीय मसालों का प्रमुख भाग है। इसका प्रयोग सादा, पुलाव, मांसाहारी भोजन के साथ-साथ कई प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है। उत्तराखंड में स्थित डीएसबी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर ललित तिवारी ने बताया कि फास्ट बॉल का वनस्पतिक नाम लॉरस नोबिलिस है। इसे स्थानीय भाषा में तेज पत्ता, तेज पत्ता, भारतीय खाजिया कहा जाता है। तेज पत्ता भारत सहित बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन में पाया जाता है।
कैंसर सहित कई बर्तनों में
तेज पत्ता कैंसर सेल की वृद्धि को शुरू कर दिया है, जिस कारण से कैंसर सेल की तरह की लड़ाई के लिए भी बेहद कम है। प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि 20 मीटर लंबे इस प्रयोग में एम्ल्डाइराइड, पूर्वजों के साथ ही कई तरह के पोषक तत्व शामिल हैं।
टीईटी जैसी लड़कियों में भी फ्लोटिंग
उन्होंने बताया कि इसका उपयोग दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता है। शहद के रोग में इसका उपयोग शहद के साथ किया जाता है। साथ ही इसके तेल का उपयोग यूट्रेस के लिए भी है। इसके तेल के उपयोग से गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव है। इसके साथ ही ये पत्ता पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।
एक दस्तावेज है स्वास्थ्य का उपाय
तेज पत्ता प्रमाणन कई औषधीय गुणों से भरपूर है। अगर इसका नियमित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
(नोट: यह खबर दी गई जानकारी पर आधारित है। ‘लोकल 18’ इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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पहले प्रकाशित : 8 दिसंबर, 2023, 14:15 IST
