लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा/सुकमा:छत्तीसगढ़ का सुकामा जिला प्रभावित है। इस जिले के कई ब्लॉक, गांव ऐसे हैं, जहां बायोलॉजिकल जियोस्कोपी के कारण आज भी सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है। जिस कारण से यहां वनांचल और नदी घाटों में रहने वाले लोगों को प्लांट के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधा के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
बता दें कि सुकमा जिले के कोंटा झील के किस्टाराम, गोलापल्ली और आस-पास के ऐसे कई गांव हैं, जहां प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी सुगम सड़क नहीं होने के कारण वहां तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। जिस कारण किसी समय प्रसव से गर्भवती महिलाओं की मौत भी हो गई थी। वहीं अब मोटर बाइक एम्बुलेंस से स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है।
बाइक एम्बुलेंस यात्रा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किस्टाराम के प्रभारी डॉक्टर सैमुअल सैमुअल ने बताया कि सुकमा जिले के कोनेटा ब्लॉक में जिस क्षेत्र में एमओआर तक पहुंच नहीं है। जिला प्रशासन सुकामा एवं समाज सेवी संस्था कोंडागांव के संयुक्त सहयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किस्ताराम में पगडंडियों के वे मोटर बाइक एम्बुलेंस का उपयोग किया जा रहा है। अब यह मोटर बाइक एम्बुलेंस किस्टाराम क्षेत्र के गांव में गर्भवती महिलाओं और बच्चों और अन्य गरीबों के लिए शोभा बढ़ाने वाली साबित हो रही है।
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उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अलग-अलग प्रभावित इलाकों में गर्भवती महिलाओं के उपचार की स्थिति को देखते हुए गर्भवती महिलाओं को मुफ्त मोटर बाइक एम्बुलेंस से किस्टाराम स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित स्थान पर रखा जा रहा है। वहीं बाइक सेक्टर वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा के लिए रोजगार साबित हो रहा है।
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पहले प्रकाशित : 8 दिसंबर, 2023, 17:09 IST
