अलौकिक प्रताप सिंह/कानपुर: सामूहिक (मधुमेह) के नाच में देखने को मिलता है कि अगर किसी को चोट लग जाती है, तो सही होने में काफी समय लग जाता है। यह सच है कि हर किसी के घाव भरने की बात काफी समय से चल रही है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। त्रिपुरा के गणेश शंकर स्टूडेंट्स मेडिकल कॉलेज में डायबिटिक सोसायटी पर एक खास शोध किया गया है। इसमें एक खास बैंडेज को काफी अच्छा माना गया है। यह बैंडेज लगाने से मधुमेह रोगी के घाव बेहद कम समय में बिल्कुल ठीक हो गए हैं।
कानपुर के गणेश शंकर मेडिकल कॉलेज में 10 महीने से फुट केयर क्लिनिक की शुरुआत हुई है। पर कई और शोध भी हो रहे हैं। इसी क्रम में ऐसे कई डायबिटिक मरीज आए थे, जिनमें किसी को चोट लगी थी, लेकिन कई दिनों तक जाने के बावजूद उनके घाव ठीक नहीं हुए थे। इसके बाद एक खास बैंडेज का इस्तेमाल किया गया। इसका रिजल्ट बिल्कुल सामने आया है। इस बैंडेज में कोलप्रोटीन और नाइट्रस प्रोटोटाइप का उपयोग किया गया है। इस बैंडेज को लगाने से मधुमेह रोगी के घाव कम समय में ठीक हो गए हैं। इसके साथ में गैंग्रीन बनने का खतरा भी बताया गया है।
घाव ठीक होने में मदद मिलेगी
शोध पर अध्ययन करने वाले जीएसएम मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एक विशेष प्रकार के बैंडेज का परीक्षण किया गया था। इस बैंडेज को कई मरीज़ों पर परीक्षण किया गया, जिसमें घाव कई दिनों से ठीक नहीं हो रहे थे। इस बैंडेज को लगाने के कुछ ही समय में उन्हें बेहद फायदा हुआ। बैंडेज लगाने के बाद घाव के टुकड़े बहुत जल्दी मर गए और घाव वाले क्षेत्र में जल्दी टिशू भी बन गए और खून का बहाव भी पहले की तरह शुरू हो गया। इस बैंडेज से मधुमेह रोगी को काफी सुविधा होती है।
स्मार्ट बैंडेज विकसित
डॉक्टर शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि यह बैंडेज काफी महंगा है। इसकी कीमत 500 से 1000 रुपये तक है, लेकिन यहां पर अभी ये फ्री आया था. इस कारण से शिष्य को भी यह निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है। आगे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत विस्थापितों के लिए योजना बनाई जा रही है। साथ ही बताया कि इस अध्ययन को इंटरनेशनल मेडिकल जनरल में प्रकाशित करने के लिए भी भेजा गया है।
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पहले प्रकाशित : 8 दिसंबर, 2023, 12:32 IST
