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पाकिस्तान में हैंडलर, नेपाल में खाता और भारत में कटा, पासपोर्ट में भेजे गए रुपए, 8 मोबाइल नंबरों से होती थी बात


उत्तर

पहले हैंडलर 8 मोबाइल नंबरों से साइबर साइबर से बात हुई थी।
उत्तर प्रदेश के पासपोर्ट में कई स्थानों पर भेजे गए थे रुपए, बंधक का शक।
पूर्णिया एसपी ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से भी जांच की जरूरत बताई।

पूर्णियाँ. बिहार के पूर्णिया जिले के जलालगढ़ से गिरफ्तार 3 साइबर अपराधियों के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बिजनेसमैन आमिर जावेद ने बताया कि पाकिस्तान के पास के इन क्लबों में आठ अलग-अलग नंबरों से कॉल कॉलिंग और चैटिंग होती थी। संयुक्त हैंडलर के आवेदन पर ही नेपाल में इन लोगों ने खाता खोला था। इनमें से कई बैंक खाते हैं. इसमें एक पैकेट में पाकिस्तान से 50 लाख रुपये भेजे गए थे.

एसपी जावेद ने कहा कि गिरफ्तार शकीम, शाहनवाज और सुशील कुमार को पाकिस्तान के अलग-अलग नंबरों से सिलिकॉन कॉल और चैटिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए थे कि किस अकाउंट में कितने रु. इन लोगों ने उत्तर प्रदेश के राजाओं के कई खाते में रुपये जारी कर रखे हैं। इन दस्तावेजों में मुख्य तीन बैंक खातों की जांच पुलिस कर रही है जिसमें पिछले एक महीने में करीब 50 लाख रुपये भेजे गए हैं।

नेपाल में खाता और भारत में बंधक!
पूर्णिया एसपी ने बताया कि ये लोग सबसे पहले जघन्य अपराध करते थे। एक साल पहले ये लोग पाकिस्तान के हैंडलर के कनेक्शन में आए थे. इसके बाद इन लोगों ने नेपाल में अकाउंट स्टाम्पया और साइबर क्राइम के माध्यम से लोगों के खाते से रुपए भी उड़ाए थे। ये रुपये कई अन्य गोदामों में भी थे। एसपी ने इस गिरोह के जाल में फंसने और पाकिस्तान से कनेक्शन की कहानी के बारे में एक और बात सामने रखी है।

ऐसे खुला कॉमेडी का राज
एसपी ने बताया कि एक व्यक्ति का मोबाइल खो गया था, उनके फोन से ₹285000 इन लोगों ने निकाल लिए थे। इन लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से कुछ सामान खरीदा था। इस दौरान पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन जब उनका मोबाइल फोन आया तो पाकिस्तान के 92 कोड वाले नंबर मिले, जिससे लगातार इन लोगों को फोन किया गया और चैटिंग की गई। तब इनके गैंग का खुलासा हुआ.

केंद्रीय जांच अध्ययन की आवश्यकता
पूर्णिया आमिर जावेद ने बताया कि इन गिरोहों में करीब 25-30 लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गिरोह या गिरोह या फिर अन्य किसी भी तरह के गिरोह को अस्वीकार नहीं किया जा सकता है और पूरे मामले की जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकता है। एसपी ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से भी जांच की जरूरत बताई। इस जांच में आगे देखें कि क्या खुलासा होता है।

टैग: बिहार अपराध समाचार, बिहार के समाचार, बिहार में अपराध, पाकिस्तान आई.एस.आई, पूर्णिया समाचार



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