
फ्रांस का युद्धपोत (प्रतीकात्मक फोटो)
इजराइल-हमास युद्ध में यमन भी कूद पड़ा है। हमास के समर्थन में यमन ने पहले इजराइली सेना के साथ जंग छेड़ी फिर अब इजराइल के समर्थक देशों पर भी हमले करना शुरू कर दिया है। जिस तरह से इजराइल-हमास युद्ध में यूरोप और अरब के बीच शामिलतानी मची है, उसने तीसरे विश्व युद्ध के खतरे को जन्म दिया है। यमन फ्रैंक हमास सैटेलाइट का समर्थन कर रहे हैं। यमन ने इजराइल के समर्थकों को सीमांत बनाना भी शुरू कर दिया है। यमन के विद्रोहियों ने पहले गाजा और हमास पर हमलों के लिए इजरायली सेना पर कई बार हमले किए। अब यमन इजराइल के समर्थक अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों का विकास हो रहा है। ताजा मामले में फ्रांस के एक युद्धपोत पर हमला करने की लहर बनाई गई है। फ्रांस की सेना के अनुसार उसके युद्ध पोत पर डूबते हुए हमले को फिलीस्तीन की ओर से आते हुए देखा गया है।
फ्रांस ने रविवार को कहा कि लाल सागर में उसका एक युद्धपोत यमन की ओर से आकर दो समुद्र तट पर बना। इसके बाद, दोनों साम्राज्यों को मारा गया। सैन्य मंत्रालय की ओर से जारी बयान में यह नहीं बताया गया कि शनिवार रात को हमले के लिए फ्रांसीसी नौसेना के लेंगवेडोक हमले के लिए बमबारी की गई थी। बयान में कहा गया है कि सूरज एक-एक कर दो घंटे के अंतराल पर सीधे बर्तन की तरफ आया। युद्धपोत ने लाल सागर से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर ये सूर्योदय मारा गिराए। बयान में यह नहीं बताया गया है कि समुद्र तट से टकराने के लिए युद्धपोतों का इस्तेमाल किया गया था।
जंग का नया अड्डा लाल सागर बना
इजराइल-हमास युद्ध के बीच अब लाल सागर जंग का नया ठिकाना बन गया है। अभी कुछ दिन पहले ही अज्ञात पहलवान ने इसी लाल सागर में अमेरिकी युद्धपोत का निर्माण किया था। इस घटना के 10 दिन पहले ही अब फ्रांसीसी युद्धपोत का मसौदा तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यमन के युद्धपोत पर डूबने वाले ए.एम
पॉट लाल सागर में फ्रेंच नौसेना का एक मिशन था। (पी)
