रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करने वाले कारक: स्वस्थ और निरोगी बने रहने के लिए हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। यह एक ऐसा हथियार है, जो बाहरी तीक्ष्णता, वायरल संक्रमण आदि से शरीर को सुरक्षित रखता है। वास्तव में, इम्युनिटी शरीर को कई प्रकार के भवनों से लड़ने की क्षमता प्रदान की जाती है। जिन लोगों की रोग संरचना क्षमता मजबूत होती है, वे कम बीमार होते हैं। उनका शरीर लम्बी आयु तक स्वस्थ्य रहता है। लेकिन, जनकी प्रतिरक्षा सप्ताह होती है, वे जल्दी-जल्दी बीमार होते हैं। उनका शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता है। कुछ ऐसे कारक होते हैं, जो प्रतिरक्षा को कमजोर कर देते हैं। जब आपकी इम्प्रूवमेंट पावर चालू होती है तो कुछ लक्षण भी नजर आ जाते हैं। जानें यहां के बारे में.
इम्यूनिटी ख़राब होने के कारण (कमजोर प्रतिरक्षा के जोखिम कारक)
1. स्ट्रेस, टाइम दस्तावेज़, डॉक्टर, अंजयति-विश्रामिस्ट अंजली मुखर्जी का कहना है कि रोग संबंधी क्षमता में कई प्रकार की गिरावट हो सकती है, मुख्य कारक स्ट्रेस, डीआर, एंजायटी और टाइम में शामिल हैं। जी हां, आप बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं, चिंता में रहते हैं, किसी भी काम को समय पर पूरा करने का आपके ऊपर ज्यादा आराम रहता है तो इससे भी धीरे-धीरे रोग की समाप्ति क्षमता में कमी आती है। ऐसे में तनाव थोड़ा कम लें, आकार ही आपके स्वस्थ रहने की संभावना जनसंख्या है।
2. हेवी मेटल्स- कई बार पर्यावरण में कुछ ऐसे विनाशकारी तत्व मौजूद होते हैं, जिनका शरीर पर असर होता है। इससे इम्युनिटी भी प्रभावित होती है। हवा में पार्टिकॉल मैटल मौजूद हैं, जो सांस लेते हैं, जो सांस लेते हैं, जो सांस लेते हैं, जो मिट्टी में मिलते हैं, जो मिट्टी में मिलते हैं, जो मिट्टी में घुल जाते हैं, जो मिट्टी में घुल जाते हैं, जो मिट्टी में घुल जाते हैं, जो मिट्टी में घुल जाते हैं। ऐसे में इन हेवी मेटल्स से होने वाले नुकसानों से बचाव के लिए अपने शरीर को डिटॉक्सिफाई करना बहुत जरूरी है।
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3. असंतुलित पदार्थ का सेवन- जब आपके अंतर्विष्ट में हर तरह के पोषक तत्त्व मौजूद नहीं होंगे तो इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। असंतुलित आहार लेने से इम्यून सिस्टम की क्षमता प्रभावित होती है। ज्यादातर लोग प्रोटीन, आयरन, विटामिन डी की कमी से प्रभावित होते हैं। ये इम्माम सिस्टम को अवैध बनाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
4. स्वादिष्ट का अधिक सेवन- शुगर से कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। अधिक मित्र आहार के सेवन से न केवल एजिंग की समस्या होती है, बल्कि मित्र प्रणाली भी बुरी तरह से ख़राब हो सकती है। एक दिन में सिर्फ एक से तीन माइक्रो शुगर इनटेक है तो ठीक है, लेकिन इससे अधिक गिरावट होती है। अगर आप अधिक मात्रा में मिठाई, चॉकलेट, शीतल पेय आदि का सेवन करते हैं तो ये ओवरऑल स्वास्थ्य के लिए भी काफी नुकसानदायक है। यह डाउन पेमेंट रूप से इम्युनिटी सिस्टम पर प्रभाव डालता है। इसे डैमेज कर देंगे.
इम्यूनिटी होना डिफ़ॉल्ट के लक्षण
- बार-बार थकान महसूस करना
- पेट की खराबी जैसे कब्ज, गैस, अपच
- उल्टी आना, मतली महसूस होना
- आखिरी-जुकाम बार-बार होना
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पहले प्रकाशित : 11 दिसंबर, 2023, 11:14 IST
