अर्थशास्त्र सेजू/बाडमेर। पश्चिम राजस्थान के रेगिस्तान के रेगिस्तान में भी अब खजूर का महीना मनाया जाता है। खाड़ी देशों की कंपनियों में भी तारीख से लेकर 3 करोड़ का कारोबार हो रहा है। कृषि विभाग द्वारा फ्लोरिडा के अन्य रेगिस्तानी हिसो में खजूर की खेती की विशाल कंपनी को देखते हुए बड़ी संख्या में खजूर के उपाय तैयार कर किसानों को बांटे जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को प्रति पौधा 3 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है। आपको बता दें कि खजूर बहुत सी में खतरनाक है। जैसे हड्डियों को मजबूत बनाना, तनाव से राहत, पाचन के लिए भी अवशोषण होता है।
थार नगरी सोसायटी में 200 हेक्टेयर में खजूर की खेती की जा रही है। इससे पहले 3 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। जिले में लगभग 110 किसान खजूर की खेती कर रहे हैं। थार नगरी में मेडजुल, बरही, घनामी और खुनेजी में 3 करोड़ की खजूर का व्यवसाय होता है। कृषि विभाग द्वारा इस अनुदान राशि का लाभ लेने के लिए किसानों को राज किसान पोर्टल ऐप पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद हार्ड कॉपी डिवाइन कार्यालय में जम करवानी होगी। वही, किसान राशि चक्र भंडार के बाद लाइसेंस का वितरण किया जाएगा।
100 हैक्टेयर में खजूर उत्पादन का लक्ष्य
वडोदरा जिले के बुड्ढी तलाई, समदड़ी, सेड़वा, गुड़मालानी, भीमड़ा सहित एक खजूर की खेती की जा रही है। इतना ही नहीं कृषि विभाग को इस साल 100 हेक्टेयर में खजूर उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है। ऐसे में इस साल खजूर का रकबा और भी ज्यादा। कृषि अधिकारी बाबूराम राणावत के अनुसार खजूर की खेती के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक पौधे पर 3 हजार रुपए की छूट दी जाती है। राणावत के अनुसार किसान को मेडजूल के लिए 1875 रुपए, बरही के लिए 1425 रुपए, खुनेजी को 1650 रुपए और अन्य उपचारों को 1350 रुपए में लेना पड़ता है। इसके बाद जनवरी-फरवरी में लाइसेंस का वितरण बंद कर दिया जाता है। उन्होंने नोट किया है कि एक किसान को 4 हैक्टेयर में खेती करने के लिए खजूर के उपाय करवा उपलब्ध हैं।
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पहले प्रकाशित : 11 दिसंबर, 2023, 17:53 IST
