शक्ति सिंह/कोटा. वैसे तो कोटा में कई नॉनवेज होटल हैं लेकिन आज हम आपको कोटा के सबसे पुराने नॉनवेज होटल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देश की आजादी के 2 साल बाद शुरू हुआ और 74 साल बाद आज भी लोगों की मनपसंद जगह बन गई है। पुराने कोटा में मौजूद गौरी होटल का स्वाद ही कुछ ऐसा है कि यहां सिर्फ कोटावासी शहर ही नहीं, बल्कि पुराने जमाने की इंजीनियरिंग और मेडिकल की कोचिंग करने वाले शुरू हो गए हैं।
1949 में इसकी स्थापना हुई थी
होटल गौरी नॉनवेज मुगल खानसामा के विशेषज्ञ हैं, गौरी होटल की शुरुआत 1949 में हाई हाउस इलाके में हुई थी। यहां पर मुगलई खाना लोगों का दिल जीत लेता है। वेज खाने का स्वाद लेने के लिए लोग गैर की भीड़ में रहते हैं। आज गौरी की चौथी पीढ़ी की याद आ रही है 1949 में ईशान गोरी की परदादी ढाका फातिमा ने इस होटल की शुरुआत की थी। होटल गौरी पहुंचने के लिए आपको कोटा के पुराने शहर घंटाघर में तंग सड़कों पर सब कुछ मिलेगा।
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मुर्ग कोल्हापुरी सबसे प्रसिद्ध है
गौरी होटल के मालिक अशुक्ल गौरी ने बताया कि इस होटल की शुरुआत 1949 में हुई थी। जब कोटा छोटा सा था और कम लोगों की पापुलेशन होती थी। टैब से लेकर आज तक यह होटल समुद्र तट दे रहा है। यहां सभी प्रकार के नॉनवेज का समावेश है जिसमें मुगलई नॉनवेज, चाइनीज नॉनवेज और सबसे ज्यादा इस होटल का स्पेशल है मुर्ग कोल्हा, मटन लाल मीट, मटन गोरी स्पेशल। इसके अलावा यहां के कबाब, बर्रा, रोस्टेड में यात्री लोग दूर-दूर से आते हैं।
74 प्राचीन काल से चला आ रहा अपना जलवा
होटल गौरी की चौथी पीढ़ी के ईशान गौरी ने बताया कि 74 सागरों से कोटा शहरवासियों को हम स्वादिष्ट नॉनवेज खिला रहे हैं। इस होटल का स्पेशल है कोल्हापुरी चिकन, बटर चिकन, मटन एलेक्ट्रोल, मटन लाल मास, इस होटल का स्पेशल है। यहां पर शहरवासी साथ में आए हैं, जैसे कि नागालैंड में गूगल पर सर्च कर इस होटल पर खाना खाने की व्यवस्था की गई है।
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पहले प्रकाशित : 11 दिसंबर, 2023, 22:23 IST
