नई फ़िनिश: सरकार सार्वजनिक उपक्रम में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। यह बात है सड़क परिवहन मंत्री भी स्वैच्छिक हैं। सरकार इस प्रयास में अब आम आदमी भी मदद कर सकता है। गुड प्रैक्टिसेज से स्ट्रीट सुपरमार्केट को कम किया जा सकता है। इस संबंध में सड़क सुरक्षा पर काम करने वाली एक सैन फ्रांसिस्को ने रिपोर्ट जारी की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निदेशक ने आज फिलम रिपोर्ट जारी की।
सेवलाइफ़ फ़ाउंडेशन ने अध्ययन कराया
वर्ल्ड बैंक समूह और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से सेवलाइफ फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘रोड सब्सिडी गुड प्रैक्टिसेज इन इंडिया’ अध्ययन ने सड़क सुरक्षा के सफल उदाहरणों को चित्रित किया है। अध्ययन के अनुसार एनिमेटेड फिल्मों पर सड़क पर साक्षात् से होने वाली रॉकेट में कमी आई है। ‘रोड स्टिम गुड प्रैक्टिसेज इन इंडिया’ के तहत सड़क सुरक्षा संसाधनों को शामिल करना, चिप्स के टुकड़ों के नीचे के टुकड़ों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई और आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया में सुधार लाना, सड़कों पर अवैध न होना देना, ट्रॉली और पटरी प्लेटों को तोड़ना पर नहीं शामिल होना शामिल है.
सबरीमाला सैफ जोन प्रोजेक्ट ने बनाया रिकॉर्ड
रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे- 48 (ओल्ड मुंबई-पुणे हाईवे) के जीरोलालिटी गैलरी (जेडएफसी) प्रोजेक्ट में 2018 और 2021 के बीच मृत्यु दर में 61 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी तरह, कर्नाटक के बेलगाम – यारागट्टी हाईवे का सेफ गैलरी डेमोंस्ट्रेशन प्रोजेक्ट (एससीडीपी) ने 2015 से 2018 तक तीन साल में रोड शोर में होने वाली शुरुआत में 54% की कमी दर्ज की। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि केरल के सबरीमाला सेफ जोन प्रोजेक्ट ने 2019 और 2021 के बीच जीरो रोड डेजर्ट का रिकॉर्ड बनाया। सबरीमाला सेफ जोन की यह सफलता देश भर में तीर्थ स्थानों के लिए उदाहरण के तौर पर काम कर सकती है।
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इस रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सांख्यिकी के कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति जारी की गई है, जिसमें समाधानों को गुप्त-आधारित, नेटवर्क-आधारित और राज्य-आधारित के रूप में नियुक्त किया गया है, जिसमें नौ गुप्त-आधारित, दो शहर/नेटवर्क-आधारित और शामिल हैं। दो राज्य आधारित उदाहरण शामिल हैं. इस अध्ययन रिपोर्ट में इन समाधानों और उनकी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया गया है, इन उदाहरणों को प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है और सड़क के असर को कम किया जा सकता है।
सड़क पर एक नजर
वर्ष 2022 के दौरान राज्य और केंद्र उपयोग (यूटी) द्वारा कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1,68,491 लोगों की जान गई और 4,43,366 लोग घायल हुए। पिछले वर्ष की तुलना में समुद्र में 11.9 प्रतिशत, मृत्यु में 9.4 प्रतिशत और संकट में 15.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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पहले प्रकाशित : 11 दिसंबर, 2023, 14:20 IST
