
लाल सागर में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत।
इजराइल-हमास युद्ध के दौरान गाजा में माचे विरोधियों के विरोध में यमन लगातार विभिन्न देशों पर हमले कर रहा है। इजराइल के साथ ही उनके साथ और समर्थन देने वाले अन्य देश भी यमन के ताकत पर हैं। यमन का मुख्य लक्ष्य लाल सागर है, जिस रास्ते से इजरायल को हथियार और अन्य सहायता अन्य देशों तक पहुंचाई जा रही है। विशेष रूप से अमेरिका लाल सागर के जरिए इजराइल की विभिन्न प्रकार से मदद की जा रही है। मगर इस बीच फिर यमन क्षेत्र से रविवार को लाल सागर में कई मिसाइलें दागी गईं। हालाँकि इसकी जिम्मेदारी यमन या अन्य किसी संगठन ने नहीं ली।
बताया जा रहा है कि यमन में हूती के व्यवसाय वाले क्षेत्र से दागी दो मिसाइलें रविवार को बाब अल-मंदेब जल्दरूमध्य के पास एक वाणिज्यिक वाणिज्य के अंतिम ग्यान गिरीं। अमेरिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि घटना के समय अमेरिकी युद्ध पोत ने हूती के डूबे हुए तूफान को मार डाला था, जो उसकी ओर आ रहा था। उन्होंने बताया कि हमलों में कोई भी जख्मी नहीं हुआ।
भारत से जा रहे पॉट को बनाया गया था सीमेंट
सैटेलाइट से प्राप्त डेटा का ‘डी एसोसिएटिड प्रेस’ द्वारा दिए गए विश्लेषण के अनुसार, जिस इंजेक्शन को बनाया गया था, वह तेल और रसायन का मिश्रण है और ‘एर्डमोर कंसल्टेशन’ के नाम से मार्शल आइलैंड्स का ध्वज लगाया गया था और यह लाल सागर में लगाया गया था स्वेज नहर की ओर जा रहा था. डेटा के मुताबिक, यह पोट भारत से आ रहा था और इसके चालक दल में सशस्त्र सैन्य सुरक्षा शामिल हैं। पॉट के ऑपरेशन करने वाली ‘एर्डमोर प्लेस्टेशन कोर’ ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब तक किसी भी संगठन ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। (एपी)
