अनूप/कोरबाः वर्तमान में व्युत्पत्ति विरासत में बच्चों का जीवन बहुत अस्त-व्यस्त सा हो गया है। पढ़ाई का बोझ, इंटरनेट, घर के बाहर के सामान आदि से उनका शारीरिक और मानसिक विकास अवरुद्ध हो रहा है। योगाभ्यास वो शांत व्यायाम प्रक्रिया है, जिससे शरीर को लाभ मिलता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में भी कई गुणा वृद्धि होती है। इस विषय को लेकर हम योगाचार्य विश्वेश्वर सिंह ठाकुर से बातचीत की। उन्होंने बताया कि ऐसे कई आसन हैं, जो बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। जिसमें पद्मासन ताड़ासन, भ्रामरी आसन और शीर्षासन शामिल है।
पद्मासन आसनः पद्मासन आसन में हाथ की हाथों की ज्ञानमुद्रा (टार्जनी उंगली) को झुकाकर झुकाकर के अग्र भाग को स्पर्श करें, फिर उसके बाद तीर के आकार को सीधा रखें। इसके बाद लैपटॉप खोले गए लैपटॉप पर रखें। लंबी गहरी सांस लें और आस्था-धीमे ओम का उच्चारण करें। यह ॐ नाद भी अधिक देर तक क्षमता के अनुसार है। कम से कम 29-30 बार रिकार्ड.
पद्मासन के लाभः पद्मासन में बैठने से कमर से संबंधित सभी प्रकार के विकार दूर हो जाते हैं, और ओम नाद की तरंगें मस्तिष्क में मस्तिष्क में उत्पन्न हो जाती हैं। जिससे मस्तिष्क के विकार दूर होते हैं और स्मरण शक्ति बहुगुणित होती है।
भ्रामरी प्राणायामः पद्मासन में दोनों हाथों की हथेली यानी पहली उंगली से अपने कान बंद कर लें। फिर उसके बाद लम्बी गहरी सांस और सांसों को बंदा ही हुए कंठ से किसी भौंरे की गुंजन समान गूंज करते हुए गहरी सांसें छोड़ते हैं। यह क्रिया कम से कम 15 बार करें।
भ्रामरी प्राणायाम के लाभः जब कंठ सेभरे के समान गुंजन करते थे तो वे सांसारिक थे। तब कंठ से निकला हुआ कपड़ा उद्योग के अवशेष तक जाता है और उनका उत्पादन होता है। इस मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो स्मरण शक्ति प्राप्त करता है।
ताड़सनः इस आसन को पास-पास स्टेशन कहा जाता है। कमर, कमर, रीढ़ और सिर बिल्कुल सीधा करके पैडियों और हाथों को एक साथ ऊपर का टुकड़ा। जब हाथ का दस्तावेज़ आ गया तो हीरे की दिशा बदल दी गई हाथों को पूरा फैला दिया गया ऊपर ले जाना। हाथों की अंगुलियों में फ़्लापकर छत की ओर पलट और किसी एक बिंदु पर परस्पर जुड़े हुए हाथ और पूरे शरीर को अधिकतर ऊपर की ओर खींचा हुआ। इस राज्य में शरीर का संतुलन संतुलन के पंजों पर लागू होता है। किसी एक बिंदु पर असंबद्ध बनाए रखने के लिए बैलेंस बनाए रखें।
ताड़ासन के लाभः पूरे शरीर पर जबरदस्त डांस आता है। पूरे शरीर में रक्त संचार तेजी से बढ़ता है, जिससे बच्चों की लंबाई बढ़ने के साथ-साथ स्मरण शक्ति बढ़ने में भी फायदा होता है।
शीर्षासनः दोनों हथेलियां के पंजों को खोदने में मिले और जमीन पर रखे इसके बाद अपनी सर को जमीन पर अपने उधेड़न के बने के बनाए सर नीचे करें और दोस्तों के ऊपर इसे शीर्षासन कहते हैं।
शीर्षासन के लाभः टॉपासन बहुत ही उपयोगी आसान है, इससे शरीर के कई अंग के विकार दूर हो जाते हैं। यह आसान सबसे अच्छा मस्तिष्क पेट आंख और स्वास नली के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
नोटः यहां दी गई जानकारी सिर्फ योगाचार्य विश्वेश्वर सिंह ठाकुर से बातचीत पर आधारित है, न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 17:31 IST
