नई दिल्ली। बिल्डर लॉबी से मस्जिद की चट्टानों पर कूद कर संसद की सुरक्षा पर बड़ा जमींन स्थित सभी होटल वाले एक-एक कर गिरफ्तार हो रहे थे, लेकिन एक दुकान का सवाल अभी तक बना है। यह प्रश्न है कि अमूर्त मॉक क्रैकर डेरे प्री लेकर संसद के भीतर कैसे पहुंचा। यह वेलकम क्रैकर ग्रेट प्रिविटी सिक्योरिटी की वजह से संसद भवन के अंदर उद्घाटन या फिर इन दोनों दीवारों की किसी अंदर के आदमी ने मदद की।
अब इन दोनों कंपनियों में कौनसी सी संभावना सही है, यह जांच के लिए अब सांताक्रूज की तरफ से बड़ा मोटरसाइकिल देखा जा रहा है। देखिये यह है कि सुपरमार्केट कैमरे की सुरक्षा की इस पहेली को सुलझाने में सफलता मिलेगी या नहीं?
एंटरप्राइज़ बिल्डिंग सिनोमेटोरिटी (जीबीएस) से जुड़े रहे एक वरि ऑफिसियल अधिकारी के अनुसार, नई संसद की सेक्टर गैलरी तक पहुंचने के लिए किसी भी तरह से वेबसाइट पर दो बार जांच की जा सकती है। पहली बार जांच संसद भवन में प्रवेश का समय होता है, जबकि दूसरी बार पुरानी संसद से नई संसद में प्रवेश का समय होता है। दोनों ही चेक पो फ्रेमवर्क एक क्लैंप-रे मशीन, हैंड हे इंस्ट्रूमेंट मेटल डिट रोलर (एचएचएमडी), डोर फ्रेम मेटल डिट होल्डर (एलसीएमडी) शामिल हैं।
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डॉक्युमेंट्री मोक क्रेकर प्राइमरी प्री में डॉक्युमेंट्री वेला पार्ट मेटल का होता है, ऐसे में जांच के दौरान एफएलसी और एचएच ग्रेड को बीप करना चाहिए। यहां पहली संभावना यह है कि बीप आने के बावजूद सुरक्षा अधिकारी ने उसे मंजूरी दे दी है या फिर दूसरी संभावना यह है कि बीप की आवाज नहीं आई है।
वेरी स्टाफ अधिकारी के, यदि स्थापना की संभावना सही है तो सीधे तौर पर पहली और दूसरी बार चेकपो सुपरमार्केट पर एस्थेटिक सुरक्षा अधिकारी इस बड़ी गलती के लिए जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। लेकिन अगर हम दूसरी ओर अनुमान लगाते हैं तो सवाल और बड़ा हो जाता है, और यह बड़ा सवाल है कि कहीं दोनों में से किसी ने भी अंदर से मदद तो नहीं की।

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यदि यह संभावना है कि शासन समाप्त हो जाए तो फिर संसद की सुरक्षा में चूक का कारण बड़ा मामला नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में हर उस शेख की नोक पर शक की उंगली उठ जाएगी, जो सिर्फ सुरक्षा जांच के बिना संसद भवन के अंदर जा रही है। उस शख़्स के टुकड़े को पकड़ने की सुरक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, चर्चा इस बात की भी है कि दोनों चतुर्थों ने इस विश्वविद्यालय को ख़त्म कर दिया है, यह बताया गया है कि संसद की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 22:26 IST
