ऋषभ कौशिक/लखनऊःवायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है,जिसके कारण आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही, मोबाइल और टीवी के अधिक इस्तेमाल से भी आंखों की रोशनी कम हो रही है। इसके विपरीत, छोटी उम्र में चश्मा लगाना पड़ गया है रह रहा है. ज्यादातर लोग आंखों में संक्रमण, आंख की मामूली चोट या ग्लूकोमा जैसी दवा के इलाज के लिए आई ड्रॉप का इस्तेमाल करते हैं।आंख शरीर के महत्वपूर्ण और सांकेतिक अंगों में से एक है। इसे स्थापित करने से छोटे सी उद्योग भी आपके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि आई ड्रॉप को कैसे और कितने दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है? आइए जानें सब कुछ.
लखनऊ सिविल अस्पताल के प्रमुख फार्मासिस्ट डॉ. सुनील यादव ने बताया कि जब भी कोई आई ड्रॉप या सीरप की सील खुली हो, तो उसके टॉप स्केल की तारीख लिखनी चाहिए और उसके 1 महीने बाद उसे हटा देना चाहिए। सील के एक निश्चित समय के बाद आई ड्रॉप कंटामिनेट हो जाता है, जिससे बच्चों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों को गंभीर नुकसान होने की आशंका है.
आई ड्रॉप जिसका उपयोग मरीज़ के लिए किया जाता है
डॉ. सुनील यादव के अनुसार, आई ड्रॉप का उपयोग पहले हाथों को करना चाहिए या साबुन से करना चाहिए। ध्यान रखें कि आई ड्रॉप का उपयोग केवल एक ही व्यक्ति को करना चाहिए। यदि कोई दूसरा व्यक्ति इसका उपयोग करता है, तो संक्रमण हो सकता है। आई ड्रॉप ड्रॉप से पहले डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है।
सही रखरखाव जरूरी
डॉ. सुनील यादव के अनुसार, दवाओं का सही रख-रखाव न करने पर उनका असर खत्म हो गया हो जाने में ज्यादा देर नहीं हुई।दवाओं को नामित स्टॉक पर ही स्टोर करना चाहिए और मेडिकल स्टोर से दवा लेना समय पर चिकित्सकों की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। दवा के बारे में सही जानकारी और सुझाव कि दवा कैसे लेनी है और उसका सही रख-रखाव कैसे करना है।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 11:44 IST
