
ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस
पोप फ्रांसिस: ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस 87 वर्ष के हो गए। इस दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को लेकर बड़ी बात कही। पोप ने मेक्सिको के एक मीडिया चैनल से चर्चा में अपने राजनेता से स्पष्ट कहा कि ‘वे चाहते हैं कि उन्हें वेटिकन सिटी के बाहर खत्म कर दिया जाए।’ वैसे उनका निवास स्थान वेटिकन सिटी ही है। यदि उनके संविधान के अनुसार ऐसा होता है तो पोप फ्रांसिस एक शताब्दी के इतिहास में पहले पोपगे जो वेटिकन के बाहरी दर्शन करेंगे।
ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का कहना है कि सेंट वह चाहते हैं कि उन्हें रोम के मैरी बैसिलिका में मृत कर दिया जाए। सेंट मैरी बैसिलिका में डिविज़न के पीछे पोप फ्रांसिस ने भी एक वजह बताई है। उनका कहना है कि मदर ऑफ गॉड कही जाने वाले मैरी से बहुत जुड़ाव है। इसलिए वह फिल्मांकन के लिए जाना चाहते हैं। पोप फ्रांसिस सेंट मैरी बैसिलिका बार-बार प्रार्थना करते हैं।
लियो XIII यहां थे मृत
पोप फ्रांसिस किसी अन्य देश की यात्रा पर जाने और आने के बाद सेंट मैरी बैसिलिका प्रार्थना के लिए अवश्य जाएं। पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार उम्मीद है कि सबसे पहले टाय पीटर स्क्वायर में ही किया जाएगा। वेटिकन के बाहरी कार्टून में जाने वाले अंतिम पोप लियो XIII थे। लियो XIII की मृत्यु वर्ष 1903 में हुई थी। उन्हें रोम के सेंट जॉन लेटरन के बैसिलिका में दफनाया गया था।
कॉप 28 जलवायु सम्मेलन में इसलिए नहीं जा पाया पोप
पोप फ्रांसिस अभी हाल ही में 28 वर्षीय क्लाइमेट कॉन्फ्रेंस कॉप में भी शामिल हुए थे। हालाँकि ऐन माके पर उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी। दुबई में 30 नवंबर से 12 दिसंबर तक जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभाव पर सम्मेलन हुआ। फ्रांसिस बैब्रॉन की समस्या से युद्ध चल रहा था। उन्होंने कहा कि उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है। अगले वर्ष पोप फ्रांसिस बेल्जियम की यात्रा पर जायेंगे।
