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यूरोप के दो देशों में हमलों की बड़ी साजिश रचे जाने का मामला सामने आया है। दोनों ही देशों में बड़े आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले थे। मगर घटना को अंजाम देने से पहले ही वह कुछ अपनी गलती से पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कैमरून डेनमार्क और नीदरलैंड से है, जहां पर कैमरून बिग अटैक का पूरा प्लान बनाया गया था। मगर ऐन वक़्त में वह गिरफ़्तार हो गया। बेलारूस और नीदरलैंड में संयुक्त रूप से चलाए गए एक अभियान में नरसंहार की साजिश रचने के संदेह में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अभियान शुरू नहीं हुआ तो अतिशयोक्ति अपने मंसूबों में शामिल हो गए। डेनिश पुलिस ने ग्रुप को यह जानकारी दी। डेनिश में हुई समन्वित कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि नीदरलैंड में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। डेनिश सुरक्षा और खुफिया सेवा के ऑपरेशन प्रमुख फ्लेमिंग ड्रेजर ने कहा कि डेनमार्क हमले के खतरे के स्तर में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, जो 2010 के बाद से देश में गंभीर रूप से दूसरे सबसे गंभीर स्तर पर है।
विदेश से जुड़े थे लैपटॉप के तार
पुलिस के मुताबिक, वैज्ञानिकों के तार कई अन्य देशों से जुड़े थे। इसकी गहनता से जांच की जा रही है। ज्वलनशील ड्रेजर ने कहा कि इस मामले के तार चरित्र जुड़े हुए थे और इसका संबंध आपराधिक टुकड़ों से है। इसमें लॉयल टू फैमिलिया (एल मेट्रिक) का नाम सामने आया था। जनवरी 2020 में, डेनिश की एक अदालत ने इस गुट पर राष्ट्रीय सहयोगी पुलिस पर प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि एल. (पी)
