रूपांशु चौधरी/स्थानांतरण। काजू कतली या काजू स्नोकी सभी की पसंदीदा पसंदीदा में से एक है। फेस्टिव में खुद का मुंह मीठा करना हो या फिर रिश्तेदारों का मुंह मीठा करना हो काजू कतली पहली पसंद रहती है। लेकिन कुछ जगह काजू कतली में भी खास काजू कतली देखने को मिलती है। जिस कारण लोग उसे काजू कतली को और भी अधिक पसंद करते हैं। ऐसे ही बने जिले के बंसीलाल चौक पर स्थित आशीर्वाद स्वीट एंड स्टोर में गुड से बने बने गुड से काजू कतली बनाई जाती है। यह काजू कतली का स्वाद चीनी से बने काजू कतली को भी पसंद है.
यह काजू कतली साल भर में सिर्फ 5 महीने के लिए बन जाती है, शुरुआत नवंबर माह से होती है और मई माह तक या काजू कतली बनती है। यह काजू कतली सामान्य काजू कतली की तरह सफेद होने के बजाय हल्के भूरे रंग की होती है। आशीर्वाद स्वीट एंड स्पेसी स्टोर के निदेशक रंजन गुप्ता ने बताया कि इस दुकान में तीसरी पीढ़ी की शुरुआत हुई है, करीब 70 से 80 साल पहले उनके दादाजी ने की थी। उस समय यहां गन से बनी हुई कोई शैतानी नहीं मिलती थी, लेकिन 8 साल पहले उसे एक कलाकारी की शुरुआत हुई थी, जिसे गन से बनी हुई काजू कतली कीवत कहा जाता था। तब से यहां ये मिठाई पर बन रही है.
700 रुपये किलो है ये मिठाई
रंजन गुप्ता के काफी नोट्स हैं कि गुड वाली काजू कतली को लोग खाना पसंद करते हैं. इस काजू कतली में खजूर का गुड का उपयोग किया जाता है यह गुण कोलकाता के नारियल से मंगाया जाता है। खजूर का गुड साल में 4 से 5 महीने ही दिखता है जिस वजह से यह खजूर लोगों के बीच 4 से 5 महीने ही चलता है. अभी इस मिठाई की कीमत 700 रुपए किलो और 12 रुपए पीस है।
.
पहले प्रकाशित : 14 दिसंबर, 2023, 09:12 IST
