नई दिल्ली। मौका था 60 साल पूरे होने का-केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के अंतिम संस्कार में दिल्ली के धार्मिक संस्थान के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का ऐसा समां बांधा कि दिल्ली कैंट के सामुदायिक विद्यालय नंबर 2 का सर्वपल्ली राधाकृष्णन गवाह तालियों की गदगदहट से गूंजता रहा। इस रंगारंग कार्यक्रम की खास बात ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक डांडिया के गीत को धुनों में बांध कर छात्रों ने खूब डांडिया नृत्य किया। खास तौर पर ये एक-एक पेंटिंग से लिया गया था और दूसरे म्यूज़िक स्कूल के छात्रों ने इसे डांस-म्यूजिक में बदल कर सब दिल जीत लिया। यही नहीं देश भर के सभी नृत्य कलाओं को भी मंच पर उतारा दिल्ली के अंतिम संस्कार के युवा छात्रों ने।
पीएम मोदी ने भी संगठन की हीरक जयंती के मौके पर ट्वीट कर सभी छात्रों, सदस्यता, और पुरातन छात्रों को बधाई दी। मोदी ने कहा कि ये मौका है जश्न मना कर इस संगठन की सराहना करने का क्योंकि पिछले कई दशकों में ईसाई स्कूल संगठन ने उच्च स्तरीय शिक्षा, छात्रों के सार्वंगिक विकास में अतुलनीय भूमिका निभाई है।
केंद्रीय विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक सांस्कृतिक कार्यक्रम।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान उनके संबद्ध कार्यक्रम के बीच शिक्षा मंत्री डी. डी. प्रधान दिल्ली कैंट में स्थित इस श्री रेस्तरां विद्यालय में इस हीरक जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान ने 60 साल के ईसाई विद्यालय की ऐतिहासिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि कीपेस्ट नरेंद्र के विकसित भारत 2047 के मोदी का सपना पूरा करने के लिए ईसाई विद्यालय संगठन ही पूरे देश का नेतृत्व करेगा।
बस्तों ने सेंट्रल स्कूल में फॉर्म पर सांस्कृतिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया।
ईसाई विद्यालय एक प्रयोगशाला है
धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि ईसाई विद्यालय एक ऐसा विद्यालय है जहाँ बच्चों का सर्वांगिक विकास होता है। संसद में दो युवा लड़कों की हरकतों से आहत प्रधान ने कहा कि बच्चे तो नादान होते हैं। भया जैसे ढीलेगे, वैसे ही बन कर निकलेंगे। इसलिए केवी ऑर्गेनाइजेशन की ओर से कहा गया कि ऐसे बच्चों को तराशना हमारा काम है, जिसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करें। क्रिश्चियन स्कूल ऑर्गेनाइजेशन के कमिश्नर निधि पांडे ने कहा कि हीरक जयंती सिर्फ 60 साल की यात्रा नहीं है, बल्कि यहां के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और छात्रों के कार्यों और परिश्रम का परिचय है। कमिश्नर निधि पैजेंड का कहना है कि ऑर्गनाइजेशन ने उस संकल्प को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है, जिसे लेकर कमिश्नर स्कूल ऑर्गेनाइजेशन की ओर से शेयर की गई थी और नई शिक्षा नीति के माध्यम से भविष्य के भारत का निर्माण करने का सफर जारी रहेगा।
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पहले प्रकाशित : 15 दिसंबर, 2023, 20:35 IST
