रामकुमार नायक, रायपुरः क्या आपको पता है कि आम जनता के अलावा कटहल, पपीता, करौंदा से भी अन्य आचार बनाये जाते हैं। जी हाँ जिसे आप देख रहे हैं ये कौन सा आचार है जिसे देखते ही लोगों के मुँह में पानी आ जाता है। यह कटहल का आचार है जिसे भारतीय नारी शक्ति सहयोग समिति के महासमुंद जिले स्थित सरायपाली ब्लॉक की महिलाओं द्वारा तैयार किया गया है। समिति में हजारों महिलाएं जुड़ी हुई हैं. महिलाओं को सबसे पहले प्रशिक्षण प्राप्त कर आचार निर्माण का कर रही हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि यह स्पेशल अचार कैसे तैयार हुआ है।
समिति की अध्यक्ष हरिता पटेल ने बताया कि आम, नींबू, कटहल, पपीता, करौंदा जैसी 7 से 8 तरह की आचार संहिताएं हैं। कटहल का आचार बनाने के लिए कटहल बाजार से पता चलता है। कटहल का अचार बनाने के लिए सबसे पहले उसे पानी से अच्छे तरीके से धो लें। फिर उसे छोटे – छोटे आकार में काट लेते हैं. फिर इसे अच्छे से सुखाया जाता है. फिर काली मिर्च, मसाला, हल्दी, तेल जैसे कुल मिलाकर 11 प्रतिशत की मात्रा होती है। फिर इसे 15 से 20 दिन तक धूप भी दिखाई जाती है।
आम के अचार बनाने में भी जिस तरह सरसों के तेल का इस्तेमाल होता है उसी तरह कटहल के अचार में भी सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाता है. आचार में रिफाइंड तेल नहीं होता, अन्यथा खराब हो जाता है।
ज्यादातर आम के लोकतंत्र के टुकड़े
इन आचार में बनी महिलाएं सिर्फ महासमुंद जिले में ही नहीं बल्कि अन्य सजावटी के लोग भी खूब पसंद कर रहे हैं। महासमुंद जिले के अलावा बालोद, मुंगेली, कवर्धा, सारंगढ़, आरंग, राजनंदगांव, रायपुर, दुर्ग जैसे बड़े शहर तक पहुंच रही है। महिलाओं द्वारा अभी पांच बच्चों का आम आदमी का आचार, 50 बच्चों का कैथल का आचार और 25 बच्चों का मठ बनाया गया है।
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इसमें लगभग 60 हजार का रिवाइवल हुआ है। ज्यादातर आम के लोकतंत्र की पहचान होती है. शहरों में लोग बहुत पसंद करते हैं। अगर आपको भी कोई अचार निर्माता है, या कुछ अधिक जानकारी चाहिए तो इस नंबर 6268979684 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 15 दिसंबर, 2023, 09:49 IST
