अलौकिक प्रताप सिंह/कानपुर: शुगर बेरोजगारी के लिए एक अच्छी खबर है। सर्दियाँ आती हैं ही ग्लूकोज़ की एक झलक दिखाई देती है और एड़ियों में जब घाव हो जाते हैं तो सही होने में काफी समय लगता है और वह काफी दर्द से दिखते हैं। लेकिन अब यह समस्या इलेक्ट्रॉनिक्स मिल प्लांट की है, क्योंकि उनके लिए खास गैजेट्स-चप्पल, कानपुर के मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सामान, जो बेहद कम कीमत पर मिल में उपलब्ध है। इन खास ग्राहकों और सैंडल को अयोध्या के लेप्रोसी सेंटर से मंगाया जाएगा, जो बेहद कम अनुपात में उपलब्ध राइफलगागा।
कानपुर के जीएसवीएम स्केटर्स में डायबिटिक फ़ुट कैरियर की शुरुआत हुई। जिसमें डायबिटिक मरीज़ों की देखभाल के लिए विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। अब डायबिटिक समुद्री तट के आतंकवादियों को घायल से बचाने के लिए विशेष प्रकार के जूते, मॅगी जायेंगे। इससे घाव जल्दी ठीक हो जाएगा और नया घाव भी नहीं होगा। इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के डॉक्टर शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि न्यूट्रीशियन नेशनल स्टडीज में अल्सर का कारण क्या होता है। ऐसे में घाव कई दिनों तक ठीक नहीं होते हैं। यह क्या खाक डायबिटिक उपभोक्ता सामान का प्रसार कर देगा। इसके कारण से तीर्थयात्रियों में अल्सर नहीं होगा और उनके तीर्थयात्रियों में घाव की समस्या भी नहीं होगी।
हज़ारों लोग डायबिटिक फ़ुटवियर हैं
बाजार में विभिन्न कंपनी के डायबिटिक फुट वियर उपलब्ध होते हैं लेकिन उनकी कीमत बहुत अधिक होती है ₹3000 से शुरुआती कीमत के डायबिटिक फुट वियर बाजार में मिलते हैं और उनकी कीमत कई हजार तक होती है जो आम आदमी की पहुंच से काफी बाहर है। इस दृष्टि से मेडिकल कॉलेज द्वारा बेहद कम रेट में फुटवियर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली गई है। जिसके लिए अयोध्या के लैप्रोसी सेंटर से बातचीत की जा रही है। जहां पर 500 रुपए की कीमत में फुटवियर इंजीनियर उपलब्ध हो गए।
फ़ुटकेअर क्लिनिक की हुई शुरुआत
डॉ. शिवेंद्र वर्मा ने बताया कि अयोध्या के सेंटर से मेडिकल कॉलेज की बातचीत हो रही है, दोनों के बीच जल्द ही सुधार होगा और मधुमेह रोगी को यह डायबिटिक फुटवियर उपलब्ध कराया जाएगा। इन फुटवियरों से विदेशी सेना के दुश्मनों में काफी राहत और नए घाव भी नहीं होंगे। क्योंकि मधुमेह के रोगियों में अल्सर ठीक होने से गैंग्रीन तक की समस्या बन जाती है। जिसके बाद में स्ट्रेट्स को काटने तक की नौबत आ जाती है।
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पहले प्रकाशित : 16 दिसंबर, 2023, 08:04 IST
