
बेंजामिन नेतन्याहू, इजराइल के प्रधानमंत्री।
इजराइल-हमास युद्ध के बीच ईरान ने एक इजराइली जासूस को फांसी दे दी है। इससे इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आग बबूला हो उठे हैं। इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के जासूस को फाँसी की सजा का यह कदम नेतन्याहू ने ईरान को चुनौती दी है। ईरान ने कहा है कि उसने दक्षिणपूर्व देश इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के एक जासूस को फांसी दे दी है। सरकारी टीवी पर शनिवार को ये खबर दी गई है। बता दें कि ईरान गाजा पर इजरायली हमलों का जोरदार विरोध हो रहा है। ईरान ने गाजा में नरसंहार को इजराइल का युद्ध अपराध बताया है। वह लगातार गाजा युद्ध में युद्ध की मांग कर रहा है।
खबर में कहा गया है कि जासूस के मोसाद में विदेशी गुप्तचर विश्वास से संबंध थे और उस पर सूचना साझा करने का आरोप शामिल था। खबर में कहा गया है कि उस शख्स ने दक्षिण-पूर्वी प्रांत स्पेन-ब्लूचिस्तान की राजधानी जाहेदान की जेल में फांसी दे दी। हालाँकि व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई है। अप्रैल 2022 में ईरान के खुफिया अधिकारियों ने तीन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद कहा था कि उनका मोसाद एक ग्रुप से जुड़ा हुआ है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस व्यक्ति को फाँसी दी गई है, वह तीन शब्दों में से एक था या नहीं।
इजराइल और ईरान में तनाव बढ़ा
इजरायली जासूस को फाँसी दिए जाने के बाद इजरायल और ईरान में तनाव बढ़ गया है। यमन और लेबनान भी ईरान के ठिकानों पर इजराइल पर हमले कर रहे हैं। यमन ने पिछले कुछ दिनों में अमेरिका, फ्रांस सहित पश्चिमी देशों के लाल सागर में इजराइल के जहाज को विकसित किया है। इजराइल का आरोप है कि वह ईरान हिज्बुल्ला, हमास और यमन सहित लेबनान को बढ़ावा दे रहा है और हथियार, गोला-बारूद दे रहा है। (एपी)
