शिवहरि पाठक/हरदोई: मोज़ेज खाना किसे पसंद नहीं आता? बच्चे से लेकर बोतल तक सभी लोगों को अपने स्वाद का दीवाना बनाया गया है। मोमोज का नाम रिकार्ड ही मुंह में पानी आ जाता है। शहर में इन दिनों खैम नाम की युवा चर्चा है। वैधानिक मूल रूप से पड़ोसी देश नेपाल में रहते हैं और यहां के लोग नेपाली मोमोज खाते रहते हैं। इसकी मोमोज़ काउंटरमोज़ के दीवानों का जमावड़ा रहता है।
हॉस्टल के आवास विकास में परिवर्तनशील नेशनल रोड पर एक छोटा सा मोमोज काउंटर पर लगे चित्र हैं कि वह शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक ही मोमोज स्टॉकिंग्स हैं। उनके पास पनीर मोमोज और वेजिटेबल मोमोज उपलब्ध हैं। ख़ैर ने बताया कि उसके पास स्टीम वाले वेज मोमोज़ और चीज़ मोमोज आते हैं। इसके अलावा वेज मोमोज और पनीर मोमोज को भी फ्री में खरीदने की इच्छा है। जिसे यहां के लोग काफी पसंद करते हैं. यही वजह है कि सिर्फ 6 घंटे 3 से 4 हजार की कमाई कर लेते हैं. वहीं अगर इन मोमोज की कीमत बताई जाए तो वेज 40 रुपये के 12 पीस हैं और पनीर मोमोज 50 रुपये के 12 पीस हैं.
शहर में नेपाली मोमोज की धूम
गैफ़ ने बताया कि वह मोमोज़ को नेपाली तरीके से तैयार करती है। इनमें से एक वजह से रेस्तरां के लोगों को उनकी मोमोज काफी पसंद आती हैं। वह मोमोज बनाने के लिए साबुत मिर्च, गाजर, पत्ते के डिब्बे और पनीर का उपयोग करती है। इसके अलावा उसके साथ दी जाने वाली साजिश को भी खुद अपने हाथों से तैयार करना है। आकाश का कहना है कि उसके मोमोज का स्वाद इतना मस्त है कि लोग उसके दूर-दूर से मोमोज के लिए आते हैं।
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पहले प्रकाशित : 16 दिसंबर, 2023, 08:36 IST
