Homeमनोरंजनत्वचा रोग और मुर्गे का रामबाण इलाज हर घर में पाई जाने...

त्वचा रोग और मुर्गे का रामबाण इलाज हर घर में पाई जाने वाली ये सामग्री, कीमत मात्र 600 रुपये किलो


सोनिया मिश्रा/कीमी. आमतौर पर घी का उपयोग हर घर में किया जाता है। मंडुवे की रोटी पर तो घी खाने से उसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। साथ ही कई लोगों को तो दाल और सब्जी में भी घी का मसाला खाना बहुत पसंद आता है. आयुर्वेद में देसी घी को औषधि माना जाता है। घी कब्ज, त्वचा रोग और साइबेरियाई रामबाण का इलाज है। घी की कीमत 600 रुपए प्रति किलो से शुरू होती है। इसका सेवन आप किसी भी मौसम में गर्म और गर्म करके कर सकते हैं। घी में ओमेगा-3, ओमेगा-9, टीबीएसिड और विटामिन ए, के, ई आदि जैसे कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये सेहत के लिए काफी जादुई होते हैं।

विशेषज्ञ विशेषज्ञों का कहना है कि गाय का घी एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में जाना जाता है जो फ्री रेडिकल्स से शरीर की रक्षा करने के साथ ऑक्सीकरण प्रक्रिया को शुरू करता है। इस प्रकार इस प्रकार के संयोजन और जोड़ों के स्थानों के साथ समय से पहले बुढ़ापे और अल्जाइमर रोग के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है। देसी घी में विटामिन K2 होता है. यह शरीर में रसायन शास्त्र का काम करता है। इसलिए इसके सेवन से हड्डियाँ मजबूत रहती हैं।

क्या है एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण?
एनसीबीआई के एक अध्ययन के अनुसार, घी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया, कोलेस्ट्रॉल, पेट के रोग जैसे अन्य मेडिकल कंडीशन वाले लोगों के लिए खतरनाक होते हैं। सूजन रोधी गुण इन सूजन से प्रभावित लोगों में अन्य खतरों को काफी हद तक कम करने में भी प्रभावी माना जाता है।

रामबाण उपचार के लिए
देसी घी में विटामिन-ए, सी और साइट्रिक एसिड होता है। यह इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए विचारधारा द्वारा भी देसी घी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उनके लिए देसी घी रामबाण का इलाज है। इसका सेवन करने से पांचन तंत्र उपाय रहता है।

शरीर के लिए सुपरहीरो है एंटीऑक्सीडेंट
देसी घी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो रूखी, बेजान त्वचा को कॉमिक ब्लॉक्स हैं। साथ ही क्योंकि घी में विटामिन K2 होता है। जो कैल्शियम कैल्शियम का काम करता है। इसलिए इसके सेवन से हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं। हमारी शारीरिक संरचना की रक्षा के लिए यह सुपरहीरो की तरह ही काम करता है।

सबसे ज्यादा घी खाने के नुकसान
केम के गौचर अस्पताल में एसोसिएट डॉ. सिल्वर ने बताया कि सामान्य मात्रा में घी के सेवन से कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन, सभी प्रकार की चीज़ों में भी काफी मात्रा में गुण होते हैं इसलिए आहार के हिस्सों के रूप में इसका सेवन कम मात्रा में किया जाना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन से मोटापा और पेट खराब होने की समस्या हो सकती है।

टैग: चमोली समाचार, स्वास्थ्य, जीवन18, स्थानीय18, उत्तराखंड समाचार



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img