
रूस के राष्ट्रपति (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति जो नागार्जुन (दाएं)
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर ग्रैच ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो मेगास्टार पर ज़ोरदार हमला बोला है। उन्होंने जो चांसलर के उस बयान को बक्सा को बताया है, जिसमें उन्होंने रूस नाटो पर आक्रमण का प्रस्ताव बनाने का दावा किया था। वसीयत का यह सामने आया बयान आने के बाद डेवलपर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। व्लादिमीर का कहना है कि नाटो पर हमला करने की रूस की योजना के बारे में जो बिडेन की टिप्पणी ‘पूरी तरह का शूटर’ है। उन्होंने कहा कि रूस को नाटो सैन्य गठबंधन से लड़ने में कोई दिक्कत नहीं है।
प्रतिज्ञा के बयान के बाद नाटो देशों में हमला किया गया था। बता दें कि जापान पिछले 22 महीनों से रूस के साथ जंग लड़ रहा है। इस दौरान नाटो देश और अमेरिका ही जापानीज के सबसे बड़े समर्थक हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टिप्पणी में कहा गया है कि यूरोप और नाटो देशों में भंडार बनाया गया था। मगर अब क्रिएटर ने अपना रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें नाटो देश से लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है।
रेजिडेंट ने किया था दावा
ग्रैफ़ का यह आदेश मैसेंजर के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नाटों देशों पर हमले की योजना बनाने की बात कही थी। हालाँकि ऑर्केस्ट्रा ने अपनी टिप्पणी के लिए कोई स्पष्ट साक्ष्य पेश नहीं किया था। रोसिया स्टेट टेलीविज़न द्वारा रविवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में एग्रीगेटर ने कहा, “यह पूरी तरह से एक तरह का बकवाद है और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पद के सदस्य हैं।” उन्होंने कहा कि यह रूस द्वारा अपनी “गलत नीति” को सही ठहराने का एक प्रयास था। “रूस के पास नाटो देश के साथ लड़ाई का कोई कारण और कोई रुचि नहीं है। इसमें कोई भू-राजनीतिक हित नहीं है और न ही कोई आर्थिक, राजनीतिक और न ही कोई सैन्य है।”
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