राजकुमार सिंह/वैशाली. लिट्टी-चोखा को बिहार की शान कहा जाता है. यही वजह है कि देश-दुनिया में ‘लिट्टी और चोखा’ के लोग दीवाने हैं। लिट्टी, एटेआर्ट या मैदा से बनाया जाता है। ऐसे में अगर हम कहें कि मशरूम से भी लिट्टी बनाई जा सकती है, तो कुछ देर के लिए आप आश्वस्त नहीं होंगे। लेकिन ये बिल्कुल सच है. इन दिनों सोनपुर में स्थित मशरूम की लिट्टी चर्चा में है। आलम यह है कि जो कोई भी एक बार मशरूम की लिट्टी और पकौड़े खरीदकर ले जाता है, वह पूरे परिवार के लिए एक बार भी मशरूम की लिट्टी और पकौड़े खरीदकर ले जाता है।
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं हाजीपुर की मशहूर मधुबाला के नाम से मशहूर हाजीपुर की मीना कुशवाहा की, इन दिनों सोनपुर मेले में अपना स्टॉल लगाया है। यहां वह मशरूम की लिट्टी और मशरूम का ही पकौड़ा लोग खाते हैं। इसके अलावा बादाम का बिस्कुट, चॉकलेट और कुकीज भी बिक रही है। इसपर मीना कुशवाहा कहती हैं कि यह लिट्टी ना सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है। किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। मीना बताती हैं कि साल 2016 में उन्होंने सबसे पहले मून प्रोडक्शन की ट्रेनिंग ली थी। उसके बाद मशरूम से खाना बनाना शुरू किया गया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
30 रुपये में एक लिट्टी और चार पकौड़े
हाल ही में सोनपुर जिले में कृषि मंत्री सर्वजीत सिंह ने भी स्टॉल पर धान का पक्का मकान और अपनी जोरदार दुकान बनाई थी। मीना कुशवाहा की माने तो यह बिना खेती की खेती है। घर में ही आसानी से मशरूम का उत्पादन कर पैसा कमाया जा सकता है। मीना ने बताया कि वह 30 रुपए में एक लिट्टी और चार पकौड़े बेचती हैं। असाधारण रूप से प्रोटीन में प्रोटीन, स्ट्रॉबेरी, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, कॉम्बिनेशन, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि पाए जाते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट प्रोटीन से परिपूर्ण होता है।
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पहले प्रकाशित : 17 दिसंबर, 2023, 18:30 IST
