उत्तर
जिला न्यायालय का बड़ा फैसला
सीएम का चैंबर सील करने का आदेश
अनुबंधित वेतन का भुगतान न करने का मामला
जालोर. कर्मचारी वर्ग को वेतन न देने के मामले में एसोसिएट कर्मचारियों ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को भीनमाल रोड स्थित चिकित्सा विभाग के कार्यालय में सीएम ने डॉ. को बुलाया। रमाशंकर भारती के चैंबर को सीज कर दिया गया है। जिला एवं सत्र न्यायालय जालोर ने सीएम छोटूराम के चैंबर को सीज करने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार 1997 से 2002 तक 4 कर्मचारियों के बीच चिकित्सा विभाग में सहायक की नियुक्ति की गई थी। विभाग द्वारा फिल टाइम कार्य जारी किया गया था, जबकि वेतन पार्ट टाइम का काम किया गया था।
असंगठित कर्मचारियों ने श्रम न्यायालय में इसके विरोध में अपील की तो न्यायालय ने चिकित्सा विभाग को चारों कर्मचारियों को वेतनमान देने के आदेश दिये थे। श्रम न्यायालय के आदेश के बाद भी वेतन न मिलने पर प्रार्थी ने जिला सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया था। इस पर जिला जज आरोन ने पहली सुनवाई में सीएम की गाड़ी जब्त करने का आदेश दिया था। उसके बाद गुरुवार को चैंबर रूम सीज करने की कार्रवाई है।
सरकारी कार ज़ब्त करने का नीचे दिया गया आदेश
15 सितम्बर 2023 सीएम पूछताछ डॉ. रमाशंकर भारती की ओर से अपने कर्मचारियों का मांस भुगतान करने के लिए कोर्ट से 1 महीने का समय मांगा गया था. उसके बाद 20 अक्टूबर 2023 तक कोर्ट मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर की सरकारी कार डेमोक्रेट को ज़ब्त करके कोर्ट में बनाए रखने का आदेश जारी किया गया।
लेबर कोर्ट ने कुर्की का आदेश जारी किया
उल्लेखनीय है कि प्रार्थीगण मोहनलाल, सोमाराम, निगम आदि के औद्योगिक विवाद अधिकरण एवं श्रम न्यायालय जोधपुर द्वारा 17 अक्टूबर 2022 को दिए गए आदेश की पालना में सीएम याचिका जालोर के विरोध पत्र प्रार्थना प्रस्तुत की गई थी। जिला न्यायालय ने इस प्रकार सीएम के खिलाफ कुर्की का वारंट जारी करने का आदेश दिया।
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टैग: अदालत, श्रम कानून, राजस्थान समाचार
पहले प्रकाशित : 17 दिसंबर, 2023, 20:37 IST
