
संयुक्त राष्ट्र (प्रतीकात्मक)
संयुक्त राष्ट्र भारत ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवादियों के मुद्दे पर पड़ोसी पाकिस्तान और चीन की धज्जियां उड़ा दी हैं। भारत ने सीमा पार से लगातार विवादितए जाने वाले समुद्री जहाज़ और डूबते हुए देशों के दस्तावेज़ों के मुद्दे पर पाकिस्तान और चीन का नाम बिना उन पर ज़ोरदार हमला बोल दिया। सीमा पार हमले के कारण भारत में होने वाले भारी नुकसान का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र (संरा) में भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान का नाम मांगा, सुरक्षा परिषद में कहा गया कि ये बिना आतंकवादी समूह सीमा पार से विध्वंस का इस्तेमाल कर अवैध आतंकवादियों की बातें करते हैं। ।। किसी भी अन्य देश के सहयोग के लिए उद्यमों में शामिल होना संभव नहीं है।
भारत ने पाकिस्तान पर अपना समर्थन देने वाले चीन के नाम का जिक्र किए बिना उसे भी मजबूत ताकत बना दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के ग़र्जना से लेकर पाकिस्तान और चीन तक का मुद्दा उठाया गया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिष्ठित प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने शुक्रवार को सुरक्षा परिषद में ‘स्मॉल आर्म्स’ पर खुलेआम अभद्र टिप्पणी की। कंबोज ने कहा, “कई दशकों से लेकर ज्वालामुखी के संकट तक भारत के डंके की चोट पर छोटे होल्डर और गोला-बारूद के खतरे से भलीभंती का डर हो गया है।
उभरते के माध्यम से पाकिस्तान की प्रगति को बढ़ावा दिया गया
पाकिस्तान का नाम बताए बिना ही उसकी धज्जियां उड़ती रहीं रुचिरा कंबोज ने पाकिस्तान सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा, “हमारी सीमा के रास्ते के अवैध सिद्धांतों के जरिए नरसंहार समूह सीमा पार हिंसा और हिंसा को अंजाम दिया जाता है, जिससे हमें काफी नुकसान होता है।” पेड है और अब इसमें डूबे हुए लोगों का इस्तेमाल भी शामिल है।” कम्बोज ने कहा कि इन हमलावर अपराधियों के पास समृद्धि की मात्रा और उनकी गुणवत्ता में वृद्धि हमें बार-बार याद दिलाती है कि वे दूसरे देशों के समर्थन के बिना अपनी सहमति में नहीं रह सकते। ऐसा अनोखा उन्होंने चीन को भी आड़े हाथ ले लिया।
